रायसेन। मध्यप्रदेश के अन्नदाता के लिए 11 अप्रैल का दिन बेहद खास रहा। उन्हें बीज से बाजार तक का रास्ता दिखाया गया। उनकी जानकारी के लिए बीज, उर्वरक, उद्यान, सिंचाई प्रबंधन, बैंक से संबंधित समस्याओं का हल, मशीनों का प्रदर्शन किया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपने भाषण के दौरान मध्यप्रदेश की तारीफ की। उन्होंने कहा कि, एमपी की मिट्टी में कुछ तो बेहद खास है।
कार्यक्रम में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। किसानों को कई तरह के स्टॉल द्वारा किसानी के कई पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में किसानों के लिए 'ई-फॉर्म्स' एप भी लॉन्च किया गया। उन्नत कृषि महोत्सव 13 अप्रैल तक आयोजित किया जाएगा।
उन्नत कृषि महोत्सव में, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, 'खेती को एक कठिन और पारंपरिक काम माना जाता रहा है लेकिन अब इनोवेशन और आधुनिक तकनीक के जरिए इसे आसान बनाया जा रहा है। मोबाइल टेक्नोलॉजी, ड्रोन और बुवाई के आधुनिक तरीकों से स्मार्ट खेती की जा रही है। देश के युवा इस कृषि क्रांति में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। अब यह प्रक्रिया पूरे देश में अपनाई जा रही है।"
सरकार किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध
"गांवों और कृषि के लिए अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है और मैं आपको भरोसा दिलाता हूं कि हमारी सरकार किसानों के कल्याण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। फंड या संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। हमारी सरकार ने हमेशा यह सुनिश्चित करने के लिए काम किया है कि हर किसान को पूरा सहयोग मिले। मैं कई सालों से सार्वजनिक जीवन में हूं और मुझे कृषि मंत्री सहित कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। मेरे अंदर का किसान कभी खत्म नहीं हुआ। आज भी, रक्षा मंत्री के तौर पर, मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि किसानों के प्रति मेरी प्रतिबद्धता में कोई बदलाव नहीं आया है।"
एमपी को हॉर्टिकल्चर का हब बनाना है
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि, 'मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार वर्ष-2026 को कृषि कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। आज रायसेन की इस पवित्र धरा पर ज्ञान-विज्ञान-अनुसंधान-किसान का महासंगम हो रहा है। किसान सबसे बड़ा वैज्ञानिक होता है, लेकिन आधुनिक तकनीक और कृषि पद्धतियों को सीखने-समझने का अवसर मिलेगा। विकसित कृषि बिना, किसान की आय बढ़ाए बिना देश का विकास नहीं हो सकता।'
'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसान के विकास का एक महायज्ञ चल रहा है। किसानों की आय बढ़ाने और देश की खाद्य सुरक्षा सुनश्चित करने का है। यहां टॉप वैज्ञानिक आएं हैं, प्रगतिशील किसान आए हैं। यहां 20 विषयों पर चर्चा होगी और एंटीग्रेटेड और फायदे की खेती पर बात होगी। उन्होंने कहा कि हम हर राज्य का कृषि रोडमैप बना रहे हैं, कई राज्यों में शुरुआत कर दी है। हम इस क्षेत्र को हॉर्टिकल्चर का हब बनाना चाहते हैं, खेती से लेकर फूड प्रोसेसिंग तक के प्रयास कर रहे हैं। भारत सरकार ने मध्य प्रदेश में 55 दाल मिलें खोलने का फैसला किया है। भारत सरकार दलहन को एमएसपी पर खरीदेगी।'
भारत किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा, "भारत अपने सैनिकों और किसानों की बदौलत सुरक्षित है। देश का मान-सम्मान लगातार बढ़ रहा है। खाद्यान्न उत्पादन दोगुना हो गया है। निर्यात में कई गुना वृद्धि हुई है। यह सरकार की एक असाधारण उपलब्धि है।"
CM मोहन यादव कि, "अतीत में, कांग्रेस शासन के दौरान, भारत को गेहूं आयात करना पड़ता था और 1960 और 70 के दशक में तो उसे खाद्यान्न की भारी कमी का भी सामना करना पड़ा था। आज, हमें इस बात पर गर्व है कि रायसेन जैसा एक ज़िला 47 देशों को बासमती चावल का निर्यात करता है। यह प्रगति दर्शाती है कि, अब भारत किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है।"