Pritam Singh Lodhi Controversy News: पिछोर से भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के खिलाफ कार्यवाही की मांग करते हुए IPS एसोसिएशन ने लेटर जारी किया है। प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने 5 लोगों को अपनी थार से कुचल दिया था। SDOP आयुष जाखड़ ने उनके खिलाफ एक्शन लिया तो विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने वीडियो जारी पर SDOP के घर में गोबर फेंकने और उनकी क्रिमिनल हिस्ट्री जानने जैसी बातें कहीं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसके बाद अब आईपीएस एसोसिएशन ने लेटर जारी कर उनकी निंदा की है।
IPS एसोसिएशन द्वारा जारी लेटर में लिखा गया है कि, "पिछोर विधायक श्री प्रीतम सिंह लोधी द्वारा करैरा एसडीओपी श्री आयुष जाखड़ (IPS) के संबंध में मीडिया में वायरल वीडियो में जिस प्रकार की अभद्र, अमर्यादित एवं धमकी भरी भाषा का प्रयोग किया गया है, वह अत्यंत निंदनीय एवं सार्वजनिक जीवन की गरिमा के विपरीत है।"
"वीडियो में डॉ. आयुष जाखड़ नव नियुक्त पुलिस अधिकारी एवं उनके परिवार के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियां तथा दी गई धमकियाँ पूर्णतः अमर्यादित एवं अशोभनीय हैं। यह आचरण एक जनप्रतिनिधि के पद की मर्यादा के विपरीत है तथा इससे प्रशासनिक तंत्र एवं समस्त अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।"
"जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने आचरण एवं भाषा को संयमित और मर्यादित रखें। इस प्रकार की अमर्यादित भाषा एवं धमकीपूर्ण व्यवहार किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है और यह प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता को आहत करता है। मध्यप्रदेश भारतीय पुलिस सेवा संघ इस कृत्य की कड़े शब्दों में निंदा करता है एवं उचित कार्यवाही की मांग करता है। आज बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण संयोग है कि आज सिविल सर्विस दिवस के दिन ही एक सिविल सेवा के अधिकारी के साथ किया गया इस तरह के व्यवहार के संबंध में यह नोट जारी करना पड़ रहा है।"
अब जानिए पूरा मामला
16 अप्रैल की सुबह, दिनेश लोधी ने करेरा पुलिस स्टेशन के ठीक सामने अपनी तेज रफ्तार थार SUV से पांच लोगों को टक्कर मार दी थी। पीड़ितों के अनुसार, वह बड़े आराम से वहां से चलकर लगभग 500 मीटर दूर स्थित एक जिम में चले गए। जब पुलिस वहां पहुंची, तो उन्होंने कथित तौर पर पुलिस वालों से कहा, "चले जाओ यहां से, मैं स्टेशन इंचार्ज से खुद निपट लूंगा और धमकी भी दी कि, "मेरे पिता विधायक हैं, वह तो हत्या के मामले को भी रफा-दफा करवा सकते हैं।"
इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। SDPO आयुष जाखड़ ने एक्शन लिया और दिनेश लोधी का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद प्रीतम सिंह लोधी ने SDPO आयुष जाखड़ के खिलाफ खूब बयानबाजी की।
प्रीतम सिंह लोधी के विवादित बयान
उन्होंने कहा था कि, "क्या करेरा तुम्हारे बाप का है? मेरा बेटा यहां आएगा भी और चुनाव भी लड़ेगा।" इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि, लाइसेंस निरस्त करने का निर्देश किसने दिया।' उन्होंने धमकी दी कि, अगर उन्हें 15 दिनों के भीतर जवाब नहीं मिला, तो वह करेरा के सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी (SDPO) आयुष जाखड़ के बंगले को गोबर से भर देंगे।
मेरी मुट्ठी का वजन 250 किलो
एक वीडियो में उन्होंने कहा, "दिल्ली से निर्देश कौन दे रहा है? क्या यह PM मोदी जी हैं? अमित शाह जी? सिंधिया जी? और ये निर्देश खास तौर पर आपके पास ही क्यों आ रहे हैं? हमारा शीर्ष नेतृत्व तो भोपाल में बैठता है।" उन्होंने आगे कहा कि, वह अधिकारी के आवास पर हजारों प्रदर्शनकारियों को इकट्ठा करेंगे। शक्ति प्रदर्शन करते हुए लोधी ने कहा कि, "मेरी मुट्ठी का वजन पहले ढाई किलो हुआ करता था, अब इसका वजन 250 किलो है।"
हालांकि एसडीओपी जाखड़ ने कहा था कि, उन पर कोई राजनीतिक दबाव नहीं है और पुलिस ने दिनेश लोधी का ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
प्रीतम सिंह लोधी की क्रिमिनल हिस्ट्री
विधायक प्रीतम सिंह लोधी के अपने चुनावी हलफनामे के अनुसार, उन पर कानून की लगभग 28 धाराओं के तहत 9 मामले दर्ज हैं। इनमें धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) जैसे गंभीर आरोप भी शामिल हैं। लोधी हत्या के तीन मामलों में आरोपी रह चुके हैं।
दो दशक पहले, प्रीतम सिंह लोधी पर ग्वालियर में हजीरा पुलिस चौकी पर धावा बोलने और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। साल 2012 तक, उनके खिलाफ 34 मामले दर्ज हो चुके थे, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, दंगा भड़काना, डकैती की साजिश रचना और मारपीट जैसे आरोप शामिल थे। कुछ साल पहले, उन्हें कथित तौर पर अंतर-राज्यीय अपराधी हरेंद्र राणा को पनाह देने के आरोप में गिरफ्तार भी किया गया था।