मध्य प्रदेश में फरवरी महीने में तीसरी बार मौसम ने करवट ली है। बुधवार को कई जिलों में कहीं तेज बारिश तो कहीं ओलावृष्टि हुई। गुरुवार को भी मौसम का यही मिजाज बना हुआ है। राजधानी भोपाल में गरज-चमक के साथ तेज बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने ग्वालियर समेत आठ जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं।
बुधवार को इन जिलों में गिरे ओले
इससे पहले बुधवार को रतलाम, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, मंदसौर, नीमच, गुना, ग्वालियर, भिंड और दतिया सहित 20 से ज्यादा जिलों में मौसम बिगड़ा रहा। कहीं बारिश हुई तो कहीं ओले गिरे। भोपाल में दिन में धूप रही, लेकिन शाम होते-होते बादल छा गए और बारिश शुरू हो गई।
मौसम बदलने की वजह
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है। साथ ही एक ट्रफ लाइन भी मध्य प्रदेश से होकर गुजर रही है। इसके अलावा राजस्थान के ऊपर भी एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है।
सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के मुताबिक दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से प्रदेश में मौसम बदला है। बुधवार को इसका प्रभाव ज्यादा रहा और गुरुवार को भी कुछ जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना बनी हुई है।
पहले भी दो बार बिगड़ चुका है मौसम
फरवरी की शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर देखा जा चुका है। इससे फसलों को काफी नुकसान पहुंचा था। सरकार ने प्रभावित इलाकों में फसल सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश का सिलसिला शुरू हुआ है।
तापमान का हाल
फिलहाल प्रदेश में हल्की सर्दी का असर बना रहेगा। रात और सुबह के समय ठंड महसूस होगी। ज्यादातर शहरों में रात का तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर है, जबकि दिन का पारा 30 डिग्री के पार जा रहा है। पिछले दो दिनों से कई शहरों में रात का तापमान 17 डिग्री से अधिक दर्ज किया गया है और अगले सप्ताह तक ऐसा ही रहने की संभावना है।










