भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के 5वें दिन सदन का माहौल कुछ अलग तरह का नजर आया। सदन में जहां एक ओर गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर होली के त्योहार की आहट के बीच हल्के-फुल्के अंदाज में नेताओं के बीच चुटकुले और तंज भी देखने को मिले। प्रश्नकाल के दौरान विधायक भंवर सिंह शेखावत ने मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पर मुस्कुराते हुए टिप्पणी की कि आज उनका अंदाज बदला-बदला सा लग रहा है और सदन का माहौल भी कुछ खास दिखाई दे रहा है। नेताओं के बीच हास-परिहास के बाद गभीर मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
विजयवर्गीय ने शेखावत को दिया मजाकिया जवाब
शेखावत की इस बात पर कैलाश विजयवर्गीय ने भी मजाकिया शैली में जवाब दिया। उन्होंने कहा कि किसी के लिए कोई बुरा समय नहीं आने वाला है, क्योंकि होली का पर्व नजदीक है और यह खुशियां बांटने का समय है। उन्होंने संदेश दिया कि त्योहार आपसी संबंधों में मिठास और सकारात्मकता लाने का अवसर होता है। इस हंसी-मजाक में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर भी शामिल हुए। उन्होंने इंदौर में होली के दौरान आयोजित होने वाले एक कार्यक्रम का जिक्र करते हुए चुटकी ली, जिस पर मंत्री और विधायक के बीच हल्का-फुल्का संवाद चला।
हंसी-मजाक के बाद गंभीर विषयों पर चर्चा
हालांकि, हंसी-मजाक के बाद चर्चा गंभीर विषयों की ओर मुड़ गई। प्रश्नकाल के दौरान विधायक अजय बिश्नोई ने भोपाल नगर निगम द्वारा किए गए बिजली समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि निगम ने 10 मेगावाट बिजली आपूर्ति के लिए एक निजी कंपनी से दीर्घकालिक करार किया है, जिसके तहत लगभग 35 वर्षों तक निर्धारित दर पर बिजली मिलेगी। उनका कहना था कि इस प्रकार की व्यवस्था अन्य नगर निगमों के लिए भी लाभकारी हो सकती है। लेकिन छोटी नगर पालिकाएं और नगर परिषदें अपने स्तर पर ऐसी प्रक्रिया पूरी करने में सक्षम नहीं होंगी।
विश्नोई ने कहा सभी निगमों के लिए बने योजना
इसलिए उन्होंने सुझाव दिया कि सभी नगरीय निकायों के लिए सामूहिक रूप से एक योजना बनाकर एक साथ टेंडर जारी किया जाए, जिससे उन्हें भी किफायती दर पर बिजली उपलब्ध हो सके। इसके अलावा सदन में बैराज निर्माण में कथित अनियमितता, बिजली व्यवस्था, भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी, जबलपुर की फ्री होल्ड जमीन, किसानों की फसल को हुए नुकसान और विकास कार्यों की गुणवत्ता जैसे विषयों पर भी सवाल उठाए गए। इससे स्पष्ट है कि सत्र केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करने का मंच भी है।
इन अहम मुद्दों पर उठाए जाएंगे सवाल
मध्य प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र का पांचवां दिन कई अहम मुद्दों के कारण चर्चा में रहने वाला है। सदन में आज शुक्रवार को ग्वालियर स्थित राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय में हुई नियुक्तियों को लेकर सवाल उठाए जाएंगे। आरोप है कि विश्वविद्यालय में शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियां हुई हैं। खास बात यह है कि इस मुद्दे पर सिर्फ विपक्ष ही नहीं, बल्कि सत्ताधारी दल के कुछ विधायक भी सरकार से जवाब मांगने के लिए तैयार हैं।
सत्ता पक्ष के सदस्य भी मांग सकते हैं जवाब
भारतीय जनता पार्टी के विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और बृजेन्द्र यादव के साथ कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर इस भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने की मांग रख सकते हैं। जब सत्तापक्ष के नेता भी अपनी ही सरकार से जवाब मांगते हैं, तो यह स्थिति सरकार के लिए असहज हो सकती है। इसका अर्थ यह है कि भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सदन में आज केवल भर्ती का मुद्दा ही नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास से जुड़े प्रस्ताव भी रखे जाएंगे।
रेल सुविधा के विस्तार की मांग करेंगे सदस्य
कई विधायक अपने-अपने क्षेत्रों में रेल सुविधाओं के विस्तार और नई परियोजनाओं की मांग करेंगे। होशंगाबाद से विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा इटारसी और भोपाल के बीच रोज यात्रा करने वाले लोगों के लिए नई मेमू ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव रखने वाले हैं। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो हजारों यात्रियों को राहत मिल सकती है। विंध्य क्षेत्र के विकास को ध्यान में रखते हुए डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह नई रेलवे लाइन बिछाने की मांग उठाएंगे।
सिचाई प्रोजेक्ट की मंजूरी की मांग रखेंगी चिटनीस
प्रस्ताव है कि रीवा से अमरपाटन और मैहर तक, तथा कटनी से रामनगर होते हुए सीधी-सिंगरौली तक रेल संपर्क मजबूत किया जाए। इस तरह की परियोजनाएं लागू होने पर उद्योग, व्यापार और रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं। बुरहानपुर की विधायक अर्चना चिटनिस नेपानगर क्षेत्र में माइक्रो सिंचाई परियोजना को मंजूरी देने की मांग रखेंगी। दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के वेतनमान, बाण सागर परियोजना से प्रभावित लोगों की समस्याएं और प्रदेश के राइस मिल उद्योग की स्थिति जैसे विषय भी उठाए जाएंगे।










