भोपाल। प्रदेश में इन दिनों एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति और बुकिंग को लेकर बड़ी समस्या सामने आ रही है। तकनीकी गड़बड़ी के कारण ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था लगभग ठप पड़ गई है, जिससे कई शहरों में लोगों को गैस सिलेंडर पाने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि सर्वर में खराबी की वजह से भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर जैसे प्रमुख शहरों में उपभोक्ता गैस की ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पा रहे हैं। इसके चलते सिलेंडर मिलने की प्रतीक्षा अवधि बढ़कर लगभग सात से आठ दिन तक पहुंच गई है।
एजेंसियों पर सुबह से लग जाती हैं कतारें
हालात यह हैं कि कई गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं और लोग सीधे एजेंसी पहुंचकर समाधान खोजने की कोशिश कर रहे हैं। इस समस्या का असर सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि होटल और रेस्टॉरेंट कारोबार भी इससे बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रदेश में मोटे अनुमान के अनुसार लगभग 50 हजार होटल और रेस्टॉरेंट संचालित होते हैं, जिनमें से कई के सामने गैस खत्म होने की स्थिति बन गई है। बताया जा रहा है कि पिछले चार दिनों से कई व्यवसायिक प्रतिष्ठानों को कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं हो पाई है।
अधिकांश और होटल-रेस्टॉरेंट ठप पड़े
भोपाल होटल एसोसिएशन से जुड़े प्रतिनिधियों के अनुसार केवल भोपाल शहर में ही करीब दो हजार होटल और रेस्टॉरेंट को पिछले कुछ दिनों में एक भी सिलेंडर नहीं मिला है। ऐसे कई प्रतिष्ठान हैं, जहां उपलब्ध गैस स्टॉक अधिकतम एक या दो दिन ही चल पाएगा। स्थिति को देखते हुए होटल व्यवसायियों ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आग्रह किया है कि होटल, रेस्टॉरेंट और कॉलेज कैंटीन जैसी सेवाओं को आपातकालीन श्रेणी में रखा जाए, क्योंकि बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग भोजन के लिए इन संस्थानों पर निर्भर रहते हैं।
कारोबारियों ने सीएम को बताई परेशानी
इस संबंध में कारोबारी प्रतिनिधियों ने राज्य के सीएम डॉ. मोहन यादव से भी मुलाकात कर अपनी चिंता जाहिर की है। सीएम यादव ने समस्या के समाधान के लिए सकारात्मक आश्वासन दिया है। गैस की कमी के बीच लोग वैकल्पिक उपाय भी तलाशने लगे हैं। कई होटल और घरों में अब इंडक्शन चूल्हों और डीजल भट्ठियों का उपयोग बढ़ गया है। इस अचानक बढ़ी मांग का असर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। भोपाल में इंडक्शन कुकर की बिक्री पहले की तुलना में कई गुना बढ़ गई है। जहां पहले रोजाना एक-दो ही इंडक्शन बिकते थे, अब इनकी बिक्री बहुत बढ़ गई है।
इंडक्शन के मूल्य में दिखी जबर्दस्त उछाल
मांग बढ़ने के साथ ही इंडक्शन की कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले तक जो इंडक्शन लगभग 1800 से 2000 रुपये में मिल जाता था, उसकी कीमत अब 3500 रुपए या उससे अधिक तक पहुंच गई है। स्थानीय बाजार के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी इनके दाम बढ़े हुए दिखाई दे रहे हैं। इस तरह एलपीजी बुकिंग में आई तकनीकी समस्या ने आम उपभोक्ताओं से लेकर होटल उद्योग तक सभी को प्रभावित किया है, जिससे प्रदेश में गैस आपूर्ति की स्थिति चर्चा का विषय बन गई है।