भोपाल। खाड़ी संकट का असर निचले स्तर पर दिखाई देने लगा है। इसकी वजह से देश में रसोई गैस यानी एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। केंद्र सरकार ने घरेलू उपयोग में आने वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा की है। इसके साथ ही होटल, ढाबों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी बढ़ाए गए हैं। इस श्रेणी के सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये तक का इजाफा किया गया है।
गैस की नई दरें आज से ही लागू
नई दरें 7 मार्च से लागू कर दी गई हैं, यानी अब उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर खरीदने के लिए पहले की तुलना में अधिक पैसे चुकाने होंगे। प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी इस बढ़ोतरी का सीधा असर दिखाई देगा। नई दरों के अनुसार राजधानी भोपाल में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 918 रुपये की हो गई है। वहीं इंदौर में उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए करीब 941 रुपये चुकाने होंगे। ग्वालियर में इसकी कीमत लगभग 996 रुपये तक पहुंच गई है, जबकि जबलपुर में यह करीब 919 रुपए में उपलब्ध होगा।
उज्जैन में 972 रुपए का मिलेगा गैस सिलेंडर
इसी तरह धार्मिक नगरी उज्जैन में गैस सिलेंडर की कीमत करीब 972 रुपए तय की गई है। राज्य के कुछ शहरों में गैस की कीमत इससे भी ज्यादा है। उदाहरण के तौर पर नर्मदापुरम में घरेलू एलपीजी सिलेंडर सबसे महंगा बताया जाता है, जहां इसकी कीमत करीब 1035 रुपए तक पहुंच गई है। गैस की कीमतों में यह बढ़ोतरी अचानक नहीं हुई है। इससे पहले भी कई बार एलपीजी के दामों में बदलाव किया गया है। पिछले साल 8 अप्रैल 2025 को भी घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतें बढ़ाई गई थीं।
8 मार्च 2024 को 100 रु. घटाए थे दाम
हालांकि इससे पहले 8 मार्च 2024 को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में 100 रुपए घटाए थे। उस समय सरकार का उद्देश्य आम परिवारों, खासकर महिलाओं को कुछ आर्थिक राहत देना था। हाल के दिनों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम भी कई बार बढ़ चुके हैं। 1 मार्च 2026 को ही 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमत में करीब 31 रुपए की बढ़ोतरी की गई थी।
आम उपभोक्ताओं पर दिखेगा असर
अब घरेलू गैस के दाम बढ़ने से आम उपभोक्ताओं पर भी इसका असर दिखाई देने लगेगा। रसोई गैस की कीमत बढ़ने से घरों के मासिक खर्च में बढ़ोतरी होगी है, क्योंकि अधिकांश परिवार खाना बनाने के लिए एलपीजी पर ही निर्भर हैं। इन दिनों वैश्विक स्तर पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और युद्ध जैसी परिस्थितियों के कारण ऊर्जा संसाधनों की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।