भोपाल। मध्यप्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल किया गया है। राज्य सरकार ने 26 आईएएस अधिकारियों के तबादले करते हुए कई जिलों में नई नियुक्तियां की हैं। इनमें 14 जिलों के कलेक्टर और एक संभाग आयुक्त का बदलाव शामिल है। यह निर्णय 16 अप्रैल से शुरू हो रही जनगणना प्रक्रिया को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी और सुव्यवस्थित बनाना है। इस फेरबदल को राज्य में शासन-प्रशासन की सक्रियता बढ़ाने के रूप में देखा जा रहा है।
प्रियंक मिश्रा भोपाल के नए कलेक्टर
राजधानी भोपाल में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब तक कलेक्टर रहे कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया है। उनकी जगह धार के कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल का नया कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं मंडला के कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम की जिम्मेदारी दी गई है। इन बदलावों से प्रशासनिक स्तर पर नई कार्यशैली और प्राथमिकताओं के संकेत मिलते हैं।
सीएम-मुख्य सचिव की बैठक के बाद हुए तबादले
इन तबादलों से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच विस्तृत चर्चा हुई। गुरुवार को इस मुद्दे पर लंबी बैठक आयोजित की गई थी। मुख्यमंत्री ने इस बैठक के लिए अपना पूरा दिन रिजर्व रखा था। बैठक के बाद अधिकारियों की सूची को अंतिम मंजूरी दी गई। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने आदेश जारी कर दिए। यह दर्शाता है कि तबादलों को लेकर सरकार ने गहन विचार-विमर्श किया।
पहले से चल रही थी तैयारी, अब लागू हुआ निर्णय
इन तबादलों की प्रक्रिया अचानक नहीं हुई है। दरअसल, चुनाव आयोग की विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया (एसआईआर) के बाद से ही इसकी तैयारी शुरू हो गई थी। योजना के अनुसार फरवरी के बाद ही बदलाव किए जाने थे। हालांकि त्योहारों और बजट सत्र के कारण इसमें देरी होती रही। अब जनगणना से पहले इसे लागू कर दिया गया है। इससे प्रशासनिक मशीनरी को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।
महिला अफसरों की मजबूत भागीदारी
इस फेरबदल में महिला अधिकारियों की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही है। कुल 14 अधिकारियों में से 9 महिलाएं शामिल हैं। इनमें कई को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। पांच महिला अधिकारियों को कलेक्टर पद पर तैनाती मिली है। यह राज्य प्रशासन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है। सरकार संतुलित और समावेशी प्रशासन की दिशा में आगे बढ़ती दिख रही है।
पहली बार कलेक्टर बनीं ये अफसर
कुछ अधिकारियों को पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है। राखी सहाय को उमरिया, शीला दाहिमा को श्योपुर और बिदिशा मुखर्जी को मैहर का कलेक्टर बनाया गया है। ये तीनों अब पहली बार कलेक्टर की भूमिका निभाएंगी। वहीं प्रतिभा पाल को सागर और नेहा मीना को सिवनी जिले की जिम्मेदारी दी गई है। प्रतिभा पाल पहले भी कलेक्टर रह चुकी हैं और अब नए जिले में पदस्थ हुई हैं। इन नियुक्तियों से प्रशासन में नए नेतृत्व को मौका मिला है।