MP Budget 2026 Highlights: मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ऐसा बजट पेश किया है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा बताया जा रहा है। करीब 4.38 लाख करोड़ रुपये (कुछ आकलनों में 4.65 लाख करोड़) के इस बजट में कोई नया टैक्स नहीं लगाया गया है। विधानसभा में यह बजट वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पेश किया।
फोकस साफ है- युवा, किसान, महिलाएं, गरीब और इंफ्रास्ट्रक्चर। सवाल यह है कि क्या ये घोषणाएं जमीन पर तेज बदलाव ला पाएंगी? आइए, 10 बड़े ऐलानों के साथ समझते हैं पूरा समीकरण।
बजट के 10 बड़े ऐलान
1. युवाओं के लिए रोजगार पर जोर
राज्य पुलिस में 22,500 नई भर्तियां और आंगनवाड़ी में 19,000 भर्तियां प्रस्तावित। रोजगार मेलों के जरिए बेहतर नौकरी के अवसर। राज्य की 28% आबादी 15-29 साल की है, इसलिए युवा रोजगार पर विशेष प्रावधान।
विश्लेषण: राज्य की 28% आबादी 15-29 वर्ष की है। भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध रही तो यह बड़ा गेमचेंजर हो सकता है।
2. 2026 होगा ‘किसान कल्याण वर्ष’
2026 को 'किसान कल्याण वर्ष' घोषित। किसानों को केंद्र की PM-KISAN (6,000 रुपये/वर्ष) + राज्य की मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना (6,000 रुपये/वर्ष) से कुल 12,000 रुपये/वर्ष की सहायता। जैविक और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा।
फोकस: आय बढ़ाने और लागत कम करने पर।
3. किसानों के लिए सोलर पंप योजना
1 लाख किसानों को 3,000 करोड़ रुपये की लागत से सोलर पंप दिए जाएंगे। इससे बिजली खर्च कम होगा और खेती आसान बनेगी।
फायदा: बिजली बिल में कमी, सिंचाई में आत्मनिर्भरता, डीज़ल खर्च घटेगा।
4. लाड़ली बहना योजना को मजबूती
1.25 करोड़ महिलाओं को 1,500 रुपये/माह की सहायता जारी। योजना के लिए 23,000 करोड़ से ज्यादा (कुछ स्रोतों में 23,882 करोड़) का प्रावधान। महिला सशक्तिकरण पर बड़ा फोकस।
प्रभाव: ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकद प्रवाह, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता।
5. लाड़ली लक्ष्मी योजना 2.0
बालिकाओं के जन्म से शिक्षा और विवाह तक सहायता के लिए योजना को और प्रभावी बनाया गया।
संदेश: महिला सशक्तिकरण को दीर्घकालिक दृष्टि।
6. कृषि उत्पादन में मध्य प्रदेश टॉप पर
संतरा, टमाटर, धनिया, लहसुन में देश में प्रथम स्थान। सब्जी-फूल उत्पादन में दूसरा स्थान। कुल 670 लाख टन खाद्यान्न उत्पादन और 431 लाख टन भंडारण क्षमता (देश में सबसे ज्यादा)।
रणनीति: वैल्यू चेन और प्रोसेसिंग यूनिट्स बढ़ें तो किसानों की आय दोगुनी करने में मदद मिलेगी।
7.ग्रामीण सड़क और पानी पर फोकस
PM ग्राम सड़क योजना के तहत 1,500 किमी नई सड़कें और 7,000 किमी नवीनीकरण। हर घर नल से स्वच्छ पेयजल सुनिश्चित करने के प्रयास। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल से इंफ्रास्ट्रक्चर तेजी से बनेगा।
निष्कर्ष: इंफ्रास्ट्रक्चर से सीधे रोजगार और ग्रामीण कनेक्टिविटी को फायदा।
8. महिला सशक्तिकरण की कई योजनाएं
पेट्रोल पंप, खेती, पुलिस, खेल- हर क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का लक्ष्य।
प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत 51 लाख से ज्यादा पंजीकरण।
9. गरीब और पिछड़े वर्गों के लिए
अनुसूचित जनजाति (21%) और अनुसूचित जाति (16%) के कल्याण पर फोकस। समग्र उत्थान के लिए सेवा भाव से काम।
लक्ष्य: सामाजिक संतुलन और समावेशी विकास।
10. विकास और स्वास्थ्य पर निवेश
क्षतिग्रस्त पुलों का पुनर्निर्माण, सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों का विस्तार (कैंसर, हार्ट)।
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के लिए भी बड़ा बजट प्रावधान।
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बजट का समग्र मूल्यांकन
- यह बजट स्पष्ट रूप से वेलफेयर + इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल पर आधारित है।
- कोई नया टैक्स नहीं
- ग्रामीण और महिला मतदाता पर विशेष ध्यान
- रोजगार सृजन का प्रयास
- कृषि और सामाजिक योजनाओं में बड़ा निवेश
चुनौती क्या है?
- राजस्व जुटाना और घाटा नियंत्रित रखना
- घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन
- युवाओं को सरकारी के साथ निजी रोजगार के अवसर
निष्कर्ष: मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट चुनावी वादों की निरंतरता और सामाजिक वर्गों को सीधे लाभ पहुंचाने की रणनीति पर आधारित है। अगर योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी रहा, तो यह बजट मध्य प्रदेश को तेज़ विकास की राह पर आगे बढ़ा सकता है। यह बजट संदेश देता है- “लोक निर्माण से लोक कल्याण”। अब असली परीक्षा जमीन पर दिखने वाले बदलाव की होगी।