मध्यप्रदेश। इंदौर में किसानों ने रिंग रोड परियोजना के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कई किसान अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए कलेक्ट्रेट तक पहुंचे और जैविक खेती पुरस्कार लौटाने की बात कही। गले में शील्ड और मेडल टंगाकर किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। बताया जा रहा है कि, एक किसान प्रदर्शन के दौरान बेहोश भी हो गया।
जमीन का एक इंच भी नहीं देंगे
किसानों का कहना है कि, रिंग रोड के दायरे में आने वाली जमीन उनकी आजीविका का स्त्रोत है। सिंहस्थ के चलते यह सब किया जा रहा है। यहां चार सड़कें पहले से ही है इसलिए वे अपनी जमीन का एक इंच भी नहीं देंगे। अगर जमीन चली गई तो परिवार बर्बाद हो जाएंगे।
प्रभावित हो सकते हैं 1200 किसान
प्रदर्शन कर रहे किसनों का कहना है कि, पूर्वी इलाके में पहले से ही तीन से चार कनेक्टिंग रोड है। ऐसे में सरकर द्वारा और अधिक जमीन अधिग्रहण से 1200 किसान प्रभावित हो सकते हैं। जो जमीन इसके दायरे में आती है वहां अच्छी फसल उगती है।हमारे पास जमीन ही नहीं रहेगी तो इन अवार्ड्स का क्या करेंगे। खेती किसान की आत्मा है और अगर सरकार सीमेंट और कंक्रीट का जंगल बना देंगे तो किसान क्या करेंगे।
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प्रधानमंत्री तक पहुंचाई अपनी बात
किसानों का यह भी आरोप है कि, भू-अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही। आपत्तियों पर सुनवाई नहीं हो रही और प्रक्रिया काफी जल्दबाजी में हो रही है। हमने प्रधानमंत्री तक अपनी बात पहुंचाई है लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही। किसानों का कहना है कि, उनकी मांग पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
किसानों की प्रमुख मांग
- बाजार दर के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाए।
- सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता हो।
- पुनर्वास नीति स्पष्ट होनी चाहिए।
- अलग-अलग आपत्तियों पर व्यक्तिगत सुनवाई हो।










