इंदौर। स्थानीय एमआईजी क्षेत्र में एक महिला शोधकर्ता को बच्चा चोर समझकर कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट कर दी। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया, जिससे मामला और गंभीर हो गया। बाद में पीड़ित महिला ने थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने दो महिलाओं सहित अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बता दें कि नेहरू नगर की रहने वाली 34 वर्षीय महिला किसी काम से घर से निकली थी। वह दवा खरीदने जा रही थी, तभी रास्ते में कुछ महिलाओं ने उसे रोक लिया और उससे वहां आने का कारण पूछा।
लोगों ने की महिला से मारपीट
जब उसने दवा लेने की बात कही तो उन्होंने उसे बच्चा चोर बताते हुए शोर मचाने लगीं। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया। कुछ अन्य लोग भी वहां एकत्र हो गए। इसी दौरान एक्टिवा से वहां पहुंचे तीन लोगों ने भी महिला के साथ मारपीट की। लोग महिला को थाने ले गए। इस दौरान किसी ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
पीड़िता का कहना है कि झूठे आरोप लगाकर उसकी छवि खराब की गई और फोटो भी ऑनलाइन साझा किए गए, जिससे उसे मानसिक रूप से गहरा आघात पहुंचा। बाद में उसने कुछ परिचितों और समाज के जिम्मेदार लोगों से संपर्क किया और दोबारा थाने जाकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज
एमआईजी पुलिस ने महिला की शिकायत के आधार पर कलाबाई कौशल और खुशी कौशल समेत अन्य लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद दोषियों पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अफवाह फैलाना या बिना पुष्टि के आरोप लगाना गंभीर अपराध है।
इधर, बच्चा चोरी जैसी अफवाहों को लेकर शहर में चिंता का माहौल देखते हुए इंदौर पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसमें नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अपुष्ट सूचना पर भरोसा न करें और कानून अपने हाथ में न लें। उन्होंने कहा अफवाह फैलाने या किसी का वीडियो बनाकर वायरल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।










