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 इंदौर में एक हेड कांस्टेबल का बदमाशों के साथ जन्मदिन मनाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने कड़ी कार्रवाई की है।

इंदौर। पुलिस विभाग के एक स्थानीय हेड कांस्टेबल को जन्मदिन समारोह के दौरान बदमाशों के साथ नजर आने के कारण निलंबित कर दिया गया है। बताया जाता है कि इस मामले का खुलासा उस समय हुआ जब समारोह का वीडियो और कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं। वीडियो में हेड कांस्टेबल के साथ कुछ ऐसे लोग दिखाई दिए जिन पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच के आधार पर उन्हें निलंबित कर दिया गया है। 

परदेशीपुरा थाने में पदस्थ है हेड कांस्टेबल
जानकारी के मुताबिक हेड कांस्टेबल जीतू सरदार परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में तैनात थे। गुरुवार को उन्होंने अपना जन्मदिन मनाया था, जिसमें कई लोग शामिल हुए। इसी दौरान संयोगितागंज क्षेत्र से कुछ बदमाश भी वहां पहुंच गए। उन्होंने हेड कांस्टेबल को फूलों की माला पहनाई और उनके साथ फोटो और वीडियो बनाए। बाद में इन तस्वीरों और वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा कर दिया गया, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया।

उच्च अधिकारियों तक पहुंची बात
जब यह वीडियो वायरल हुआ तो इसकी जानकारी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि हेड कांस्टेबल का नाम अपराधियों के साथ जुड़े एक वीडियो में आ रहा है, जो पुलिस विभाग की छवि के लिए ठीक नहीं माना गया। इसी आधार पर पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर शनिवार रात उन्हें निलंबित कर दिया गया।

तीन आरोपियों के साथ खिंचवाई थी फोटो
बताया जाता है कि उनके जन्मदिन पर संयोगितागंज इलाके में रहने वाले अक्रात, आयुष और उनका रिश्तेदार विकास भी वहां पहुंचे थे। तीनों ने हेड कांस्टेबल के साथ फोटो खिंचवाई और वीडियो भी बनाए। बाद में यही तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। यह बात पुलिस के उच्चाधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद हेड कांस्टेबल के खिलाफ कार्रवाई की गई। 

आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं कई मामले
पुलिस सूत्रों के अनुसार इन तीनों युवकों के खिलाफ संयोगितागंज थाने में गंभीर आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। अक्रात और आयुष सगे भाई बताए जाते हैं और उनके पिता दीनू भी निगरानीशुदा बदमाश के रूप में पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज हैं। वहीं विकास के खिलाफ भी नशे और मारपीट से जुड़े करीब दस आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं।

अधिकारियों ने दी सख्त चेतावनी
अधिकारियों ने साफ निर्देश दिए हैं कि पुलिसकर्मियों की अपराधियों के साथ किसी भी तरह का संपर्क या नजदीकी स्वीकार नहीं की जाएगी। पुलिस विभाग की छवि और अनुशासन को बनाए रखने के लिए इस तरह के मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।

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