इंदौर। आजाद नगर इलाके में एक 2 साल की मासूम बच्ची पायल पिपलोदे की दूसरी मंजिल से गिरने से मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार, बच्ची की मां रीना उसे तैयार करने के बाद कुछ देर के लिए बाथरूम चली गई थीं। बच्ची कमरे में अकेली खेल रही थी। खेलते-खेलते वह बालकनी तक पहुंच गई और वहां लगी कम ऊंचाई की रेलिंग के पास जाकर झांकने लगी। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे नीचे जा गिरी।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
हादसे के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने बच्ची को देखा और परिजनों को सूचना दी। घायल बच्ची को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसका उपचार शुरू किया। डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन उपचार के दौरान रात में उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
8 दिन पहले ही इंदौर आया था परिवार
बच्ची का परिवार मूल रूप से सतवास के पास करखेड़ा गांव का रहने वाला है। कुछ ही दिन पहले रोजगार के सिलसिले में इंदौर आया था। पायल के पिता को इंदौर में कोई नौकरी मिली तो परिवार गांव से शहर में शिफ्ट हो गया। वे केवल 8 दिन पहले ही गांव से शहर आए थे। मौत का शिकार हुई बच्ची के भाई-बहन अब भी गांव में ही अपने दादा-दादी के पास रहते हैं।
सुरक्षा में चूक बनी हादसे की वजह
बच्ची जिस घर में रहती थी, उसका छज्जा बहुत ऊंचा नहीं था। इस कारण वह रेलिंग से छांकते समय असंतुलित होकर नीचे गिर गई। इस घटना बताती है कि घरों में छोटे बच्चों की सुरक्षा को लेकर कितनी सावधानी जरूरी है। बालकनी या ऊंची जगहों पर उचित सुरक्षा व्यवस्था न होने से ऐसे हादसे हो सकते हैं। घरों के निर्माण में इस स्थिति पर विशेष रूप से गौर करने की जरूरत है।
सीढ़ियों से गिरकर अधेड़ की जान गई
इसी दिन शहर के जूनी इंदौर क्षेत्र में हुए एक अन्य हादसे में सीढ़ियों से गिरने के कारण एक 50 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। बताया जाता है कि अधेध व्यक्ति रात के समय सीढ़ियां उतरते वक्त फिसल गए, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। दोनों घटनाएं यह दिखाती हैं कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसों का कारण बन सकती है।










