Bhopal News भोपाल। प्लॉट आवंटन से जुड़े एक कथित घोटाले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 17 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों में न्यू मित्र मंडल हाउसिंग सोसाइटी के पदाधिकारी और सहकारिता विभाग से जुड़े कुछ अधिकारी शामिल बताए जाते हैं। जांच एजेंसी के अनुसार इस पूरे प्रकरण से सोसाइटी और सरकारी खजाने को कुल मिलाकर लगभग 13.34 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। प्रारंभिक जांच के बाद इनके खिलाफ केस दर्ज किया गया।
ईओडब्ल्यू के महानिदेशक उपेंद्र जैन ने जानकारी दी कि शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सोसाइटी के नियमों को दरकिनार कर प्लॉट उन लोगों को बेच दिए गए, जो संस्था के वैध सदस्य नहीं थे। प्रारंभिक जांच में इन आरोपों में तथ्य पाए जाने के बाद मामला दर्ज किया गया। बताया गया है कि न्यू मित्र मंडल हाउसिंग सोसाइटी की स्थापना वर्ष 1981 में की गई थी। इसका उद्देश्य सस्ती दरों पर भूखंड और आवास उपलब्ध कराना था। शुरुआत में लगभग 3.50 एकड़ जमीन बाग मुगलिया में खरीदी थी।
जांच में सामने आया कि सोसाइटी ने भूमि अधिग्रहण के बाद 45 सदस्यों को मुआवजा दिया किया और शेष भूमि में से भूखंड आवंटित किए। लेकिन बाद में नियमों में बदलाव करते हुए अतिरिक्त सदस्यों को जोड़ा गया और उन्हें भी प्लॉट बेचे गए। वर्ष 2004 में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग से अनुमोदन लेने के बाद भी कथित अनियमितताएं जारी रहीं। आरोप है कि 28 भूखंड वास्तविक कीमत छिपाकर कम दरों पर बेच दिए गए। इतना ही नहीं, स्वीकृत नक्शे में भी कथित रूप से बदलाव किया गया।
सोसाइटी को इससे लगभग 8.84 करोड़ रुपए और राज्य सरकार को करीब 4.5 करोड़ रुपए का नुकसान पहुंचा। ईओडब्ल्यू अब दस्तावेजों और लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। यदि आरोप सिद्ध होते हैं तो संबंधित पदाधिकारियों और अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह मामला सहकारी संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।










