ग्वालियर के मदन मोहन मार्केट क्षेत्र में 70 वर्षीय महिला का शव पांच दिन तक घर में पड़ा रहा। इस दौरान उनके बेटे और बेटी भी साथ रहे। बदबू आने पर दूधवाले ने पुलिस को दी सूचना, जांच जारी।

ग्वालियर। एक बेहद चौंकाने वाली घटना में यहां एक 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला का शव चार से पांच दिनों तक घर के अंदर पड़ा रहा, जबकि उनके बेटे और बेटी उसी घर में मौजूद थे। अंतिम संस्कार न किए जाने और शव को घर में ही रखे रहने की जानकारी तब सामने आई, जब आसपास के लोगों को घर से बदबू आने लगी। यह मामला ग्वालियर के ग्वालियर के मदन मोहन मार्केट, दही मंडी क्षेत्र का है।

जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग महिला का नाम उर्मिला भदौरिया था, जो गोरखी स्कूल में लिपिक के पद से सेवानिवृत्त हुई थीं। वह अपने बेटे अखंड प्रताप सिंह भदौरिया और बेटी रितु भदौरिया के साथ रहती थीं।

दूधवाले ने पुलिस को दी इसकी जानकारी
शुक्रवार को रोज की तरह दूध पहुंचाने एक दूध विक्रेता उनके घर आया। दरवाजे के पास पहुंचते ही उसे अंदर से तेज सड़ांध महसूस हुई। शक होने पर उसने तुरंत पड़ोसियों और परिचितों को इसकी सूचना दी। इसके बाद पुलिस को खबर दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। घर के अंदर जाकर देखा गया तो महिला का शव बुरी तरह सड़ चुका था। प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक, उनकी मृत्यु को चार से पांच दिन बीत चुके थे। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

बेटे और बेटी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं
बताया जा रहा है कि मृतक महिला के बेटे अखंड ने शुरुआत में पुलिस को शव ले जाने से रोकने की कोशिश की। हालांकि समझाइश के बाद पुलिस टीम शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाने में सफल रही। महिला के पति सुरेंद्र भदौरिया का निधन लगभग 20 वर्ष पहले हो चुका था। पड़ोसियों के अनुसार, महिला के बेटे और बेटी की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है।

हालांकि अखंड ने बी.टेक की पढ़ाई पूरी की है और रितु भी शिक्षित हैं, लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि दोनों मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं।  कोतवाली थाने के एएसआई एच. नायक ने कहा मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।