Madhya Pradesh Leader of Opposition Umang Singhar: अपनी सार्थकता दिखाने में कामयाब रहे युवा जुझारू नेता उमंग सिंघार लोकसभा चुनाव में पूरी ईमानदारी के साथ कांग्रेस पार्टी की जीत सुनिश्चित करने पसीना बहा रहे हैं। उनके पास विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की भी जिम्मेदारी है। वे आदिवासियों के बीच कांग्रेस पार्टी का बड़ा चेहरा हैं। वे लगातार आदिवासियों के बीच पहुंचकर कांग्रेस पार्टी का कुनबा बढ़ाने और उस पर विश्वास जताने में लोगों को समझाने प्रयासरत हैं। वे मानते हैं कि हम पीढ़ियों से कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने में लगे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार केंद्र में इंडिया गठबंधन की सरकार बनेगी। मप्र को लेकर बात की जाए तो सिंघार ने लगातार सरकार की विफलता को उजागर किया है। पार्टी से जो जा रहे हैं, उन्हें कोई नहीं रोक सकता है। भाजपा चाहती है कि सभी लोग काम-धंधा छोड़कर राममंदिर जाएं। लोगों की आस्था है तो वह अपने घर में भी पूजा कर सकती है, उसे कहीं जाना जरूरी नहीं।
पढ़िए उमंग सिंघार से  ‘हरिभूमि’ और ‘आईएनएच’ न्यूज चैनल के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी की खास बातचीत के प्रमुख अंश... 

सवाल: कांग्रेस पतझड़ की तरह झड़ रही है, ऐसे में उमंग सिंघार के चेहरे पर किस बात की मुस्कान है ?
जवाब:
मेरा नाम ही उमंग है, तो उसी के अनुरूप दिखता भी हूं। हर चुनौती को स्वीकार करता हूं। जिसको जाना है, उसको कोई रोक नहीं सकता है। ये कुछ समय की बात है। मौसम बदलता है, तो बदलाव होता है। नए पत्ते भी आते हैं, जो आ रहे हैं। सब कुछ मिलने के बाद भी पार्टी को जो नकार रहे हैं, वह उनकी छोटी मानसिकता का परिचय है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व पूरी ईमानदारी से कार्य कर रहा है। अगर किसी का मन डोल रहा है, तो इसमें पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कोई कमी नहीं, कमी उन्हीं लोगों की है, जो किसी के डर, बहकाबे या लालच में पार्टी छोड़ रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि इस बार कांग्रेस पार्टी के पक्ष में नतीजे आएंगे।  

सवाल: पार्टी की इस हालात के लिए लोग दिग्विजय  और कमलनाथ को जिम्मेदार ठहराते हैं, उमंग किसको ? 
जवाब:
ऐसा नहीं है। यह विपक्ष द्वारा फैलाया हुआ झूठ का पुलिंदा है। यह दोनों ही लोग कांग्रेस पार्टी के बड़े नाम हैं। जो लगातार पार्टी की भलाई के लिए कार्य कर रहे हैं। अगर उनके कार्य में किसी को कमी दिखती है, तो वह उनकी कम समझ हो सकती है। चुनाव में हार-जीत तो अलग-अलग परिस्थितियों पर निर्भर करती है। यह किसी एक की जवाबदारी नहीं मानी जाती है। यह पार्टी की सामूहिक जवाबदारी होती है और पार्टी उन कमजोर स्थितियों पर मंथन भी करती है। हम सब चाहे दिग्विजय सिंह, कमलनाथ और जीतू पटवारी हों सभी अच्छे नतीजे के लिए प्रयास कर रहे हैं।     

सवाल: उमंग सिंघार नेता प्रतिपक्ष हैं, पार्टी में तवज्जोह मिलती है या नहीं ? 
जवाब:
मुझे जो विधानसभा में पार्टी ने जवाबदारी दी है, मैं उसको पूरी निष्ठा के साथ निभा रहा हूं। मैं सुझाव रखता हूं, जो संभव होता है, पार्टी उनको मानती भी है। मैंने लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए बड़े नेताओं का सुझाव रखा था, उस पर पार्टी फोरम पर चर्चा हुई। इसमें से कुछ नेता चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा चाहे जनता के मुद्दे हों या भाजपा की वादा खिलाफी हो, उसको विधानसभा और सार्वजनिक रूप से उठाता हूं। जैसे भाजपा ने महिलाओं को 3000 रुपए देने और किसानों से 2700 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदने का वादा किया था, इन वादों में भाजपा विफल रही है। इस मुद्दे को हमने उठाया है। 

सवाल: कांग्रेसियों में भाजपाई बनने की होड़ लगी है, ऐसे में पार्टी के लिए आप क्या संभावनाएं देख रहे हैं?
जवाब:
विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान भाजपा से हमारे यहां आने की लाइन लगी थी। वे बिना किसी भय और लालच के आ रहे थे, क्योंकि उस समय हमारी सरकार भी नहीं थी। अब जो लोग जा रहे हैं, वह पूरी तरह से दबाव, भय और लालच में जा रहे हैं। जनता का कांग्रेस पार्टी के प्रति विश्वास है, जो न तो डिगा है और न ही कभी डिगेगा। भाजपा मप्र में 29 सीटें जीतने कितनी भी कोशिश कर ले, लेकिन वह कभी पूरी नहीं होगी। क्योंकि भाजपा ने महिलाओं को 3 हजार रु. देने समेत कई वादे किए थे, वे पूरे नहीं किए। जनता इनके झूठ को समझ चुकी है, अब वह इनके बहकावे में नहीं आने वाली है। कांग्रेस पार्टी मप्र की आधे से अधिक सीटें जीतने जा रही है।   

सवाल: शिवराज सिंह की जगह डॉ. मोहन यादव आ गए हैं, यह आपके लिए मुश्किल बढ़ा रहा है या आसानी? 
जवाब:
यह भाजपा का निर्णय है कि वह किसको क्या जिम्मेदारी दे, इसमें हमारा कोई लेना-देना नहीं है। डॉ. मोहन यादव अभी उज्जैन के मेयर के रूप से ऊपर नहीं उठ पाए हैं। उन्हें इससे बाहर आना होगा।  प्रदेश के लिए क्या करना चाहिए, इसके लिए उनके पास कोई विजन नहीं है। कांग्रेस पार्टी पूरी मजबूती के साथ भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ रही है। खजुराहो लोकसभा सीट सपा के खाते में गई थी, वहां चुनाव लड़ना सपा की जिम्मेदारी है। खजुराहो को लेकर पार्टी स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है, जल्द ही इसका ऐलान होगा।      

सवाल: जनता से आप उम्मीद कर रहे हैं, लेकिन जनता कांग्रेस को क्यों वोट दे ?
जवाब:
भाजपा ने प्रदेश की जनता को ठगा है, इसके अलावा कुछ नहीं किया। भाजपा ने बेरोजगारी लाकर युवाओं की फौज खड़ी कर दी। युवाओं को व्यापमं के जरिए बड़ा धोखा दिया। महिलाओं से 3000 का वादा पूरा नहीं किया। किसानों से 2700 रुपए में गेहूं नहीं खरीदा। दिव्यांगों और वृद्धजनों की पेंशन बढ़ाने की बजाए जो मिल रही थी उसे ही रोक िदया। अतिथि शिक्षकों को नियमित नहीं किया। महंगाई आसमान छू रही है। भाजपा सरकार की नीतियों से निचले तबके की जनता त्रस्त है। इसी आधार पर कांग्रेस पार्टी जनता के बीच जा रही है। इसमें जनता का भरपूर साथ मिल रहा है। भाजपा चाहती है कि सभी लोग काम-धंधा छोड़कर राममंदिर जाएं। लोगों की आस्था है तो वह अपने घर में भी पूजा कर सकती है, उसे कहीं जाना जरूरी नहीं। हम महंगाई, बेराजगारी, किसानों और संविधान बचाने की बात करते हैं। इसलिए हमें उम्मीद है कि जनता हमारा साथ देगी।