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सचिन सिंह बैस, भोपाल: हाई पॉवर कमेटी का गठन नहीं होने, कैबिनेट से पारित निर्णय के आदेश नहीं निकालेंने से नाराज प्रदेश के 15 हजार से अधिक डॉक्टर 20 फरवरी से आंदोलन करने जा रहे हैं। लंबे समय से लंबित डीएसीपी, सातवें वेतन का लाभ व चिकित्सकों के कार्य में बढ़ती प्रशासनिक दखलंदाजी जैसी अन्य मांगों का निराकरण नहीं होने से चिकित्सक महासंघ ने बुधवार को आंदोलन की घोषणा करते हुए उच्च न्यायलय, उप मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव को पत्र भेजा है।
महासंघ ने पत्र में लिखा है कि ना ही अब तक हाई पॉवर कमेटी का गठन हुआ और ना ही कैबिनेट से पारित निर्णय जैसे डीएसीपी, सातवें वेतनमान का लाभ 1 जनवरी 2016 से देना, एनएपीए की सही गणना व अन्य के संबंध में आदेश निकाले गए हैं। यही कारण है कि मध्य प्रदेश शासकीय स्वशासी चिकित्सक महासंघ आगामी 20 फरवरी से चरणबद्ध आंदोलन करने जा रहा है। जिसमें सभी शासकीय स्वशासी विभागों में कार्यरत चिकित्सक व छात्र शामिल रहेंगे।
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वर्ष 2023 अक्टूबर में पारित कैबिनेट के निर्णयों का हो परिपालन
महासंघ के मुख्य संयोजक डॉ. राकेश मालवीय ने कहा कि महासंघ की एग्जीक्यूटिव मीटिंग 3 फरवरी को हुई। जिसमें निर्णय लिया गया कि मांगों पर शासन द्वारा जल्द कार्रवाई नहीं होने पर 20 फरवरी से चिकित्सक चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होंगे। चिकित्सीय व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए महासंघ के सभी चिकित्सीय घटक दलों के साथ उच्च स्तरीय समिति बने। साथ ही वर्ष 2023 अक्टूबर में पारित कैबिनेट के निर्णयों का परिपालन किया जाए।
ब्यूरोक्रेसी का तकनीकी विषयों में अतिक्रमण रोका जाए। डीएसीपी का क्रियान्वन नहीं होना और जो थोड़ा बहुत हुआ है वह विसंगति पूर्ण हुआ है उसे ठीक किया जाए। मध्य प्रदेश सरकार और हाइकोर्ट को हम 21 दिन का नोटिस देकर अपने आंदोलन की शुरूआत काली पट्टी बांधकर करेंगे।
