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भोपाल। लोकसभा चुनाव से पहले मध्यप्रदेश में कांग्रेस छोड़ने का सिलसिला जारी है। सोमवार को कांग्रेस को बड़ा झटका लग सकता है। पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे दीपक जोशी कांग्रेस छोड़ भाजपा में फिर से शामिल हो सकते हैं। दीपक जोशी के साथ पन्ना गुनौर से कांग्रेस विधायक रहे शिवदयाल बागरी और सागर की खुरई सीट से विधायक रहे अरुणोदय चौबे भी भाजपा की सदस्यता ले सकते हैं। दीपक विधानसभा चुनाव 2023 से पहले कांग्रेस में शामिल हो गए थे।
कौन हैं दीपक जोशी
13 जून 1962 में जन्मे दीपक जोशी ने बीकॉम और एलएलबी तक शिक्षा हासिल की है। पूर्व सीएम और राजनीति के संत कहे जाने वाले नेता कैलाश जोशी के पुत्र हैं। दीपक 2003 में बागली, 2008 और 2013 में हाटपिपल्या से भाजपा विधायक रहे। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार में राज्यमंत्री भी रहे हैं। विदिशा से कांग्रेस के संभावित लोकसभा प्रत्याशियों में दीपक जोशी का नाम प्रमुखता से सामने आया था। हालांकि, दीपक ने कहा था कि उनके गृह जिले देवास की विधानसभाएं अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र में विभाजित हैं। ऐसे में भी चुनाव नहीं लड़ना चाहते।
विधानसभा चुनाव के ठीक पहले कांग्रेस जॉइन ली थी
बता दें कि 2020 में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ देवास जिले की हाटपिपल्या से कांग्रेस विधायक मनोज चौधरी ने भाजपा जॉइन की थी। दीपक जोशी को हराकर मनोज चौधरी विधायक बने थे। चौधरी के बीजेपी में आने के बाद दीपक जोशी को चुनाव लड़ने के लिए टिकट की संभावना नहीं बची थी। दीपक ने तत्कालीन शिवराज सरकार पर अपने पिता स्वर्गीय कैलाश जोशी के स्मारक बनवाने में उदासीनता बरतने और खुद की उपेक्षा के आरोप लगाकर बीजेपी छोड़ दी थी। विधानसभा चुनाव के ठीक पहले दीपक ने कांग्रेस जॉइन कर ली थी।
एक दिन पहले: अरुणोदय चौबे का चुनाव लड़ने से इनकार
बता दें कि एक दिन पहले रविवार को सागर जिले के खुरई से पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अरुणोदय चौबे ने चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। अरुणोदय को सागर लोकसभा सीट से कांग्रेस का दावेदार बताया जा रहा था। अरुणोदय ने फेसबुक पर लिखा है कि व्यक्तिगत कारणों से सागर लोकसभा सीट से अपना नाम वापस ले रहा हूं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को अवगत करा दिया है। मेरे नाम पर विचार नहीं किया जाए।
टिकट कटने से नाराज चल रहे शिवदयाल
शिवदयाल बागरी कांग्रेस के टिकट पर 2018 में पन्ना जिले की गुनौर से विधायक बने थे। 2023 में कांग्रेस ने उनका टिकट काटकर जीवन लाल सिद्धार्थ को दे दिया था। टिकट कटने के बाद से ही शिवदयाल नाराज चल रहे थे। बता दें कि गुनौर सीट से सपा की विधानसभा प्रत्याशी रहीं अमिता बागरी ने भी तीन दिन पहले बीजेपी में घर वापसी की है।
