भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में इन दिनों रेल सेवाओं की देरी आम यात्रियों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। शहर में आने-जाने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनें अपने तय समय से काफी देर से पहुंच रही हैं। खास बात यह है कि फिलहाल न तो सर्दियों का घना कोहरा है और न मौसम से जुड़ी कोई बड़ी बाधा, फिर भी ट्रेनों का समय पर संचालन नहीं हो पा रहा। गुरुवार को ही दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनें आधे घंटे से लेकर लगभग साढ़े तीन घंटे तक की देरी से भोपाल पहुंचीं, जिससे यात्रियों की दिनचर्या अस्त-व्यस्त हो गई।
विलंब से यात्रियों को हो रही परेशानी
देर से चलने वाली ट्रेनों में लंबी दूरी और प्रीमियम श्रेणी की गाड़ियां भी शामिल रहीं। पुरी-जोधपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस करीब तीन घंटे चालीस मिनट विलंब से आई। वहीं शताब्दी एक्सप्रेस भी निर्धारित समय से लगभग आधा घंटा पीछे रही। मुंबई सीएसएमटी-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस तीन घंटे से अधिक देरी से पहुंची। इसके अतिरिक्त कर्नाटक एक्सप्रेस, मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल, पातालकोट एक्सप्रेस, अमृतसर एक्सप्रेस, प्रयागराज-डॉ. आंबेडकर नगर एक्सप्रेस और भोपाल एक्सप्रेस जैसी गाड़ियां भी तय समय से काफी पीछे रहीं।
प्रीमियम ट्रेनें भी पहुंच रही हैं देर से
कुछ ट्रेनों की देरी दो से पांच घंटे तक पहुंच गई, जिससे आगे की यात्रा की योजना बना चुके यात्रियों को अतिरिक्त दिक्कतों का सामना करना पड़ा। भोपाल से प्रतिदिन हजारों लोग दिल्ली, मुंबई, इंदौर, जबलपुर, लखनऊ, पंजाब, राजस्थान और छत्तीसगढ़ जैसे शहरों की ओर सफर करते हैं। लगातार देरी के कारण कई यात्रियों की कनेक्टिंग ट्रेनें छूट रही हैं। छात्रों की परीक्षाएं और इंटरव्यू प्रभावित हो रहे हैं, जबकि व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों की मीटिंग्स और जरूरी काम बाधित हो रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी यात्रियों ने अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है।
समय पालन में नहीं हो रहा सुधार
लोगों का कहना है कि तकनीकी प्रगति के बावजूद समयपालन में सुधार नजर नहीं आ रहा। जब रेलवे अधिकारियों से देरी के कारणों पर सवाल किया गया, तो स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया। इससे यात्रियों की चिंता और असंतोष दोनों बढ़े हैं। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन और भोपाल जंक्शन रेलवे स्टेशन पर भी लेट ट्रेनों के कारण भीड़ और अव्यवस्था का माहौल देखा गया। यदि समय पर ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ेगी। जरूरी है कि रेलवे प्रशासन समयबद्ध संचालन के लिए ठोस कदम उठाए, ताकि आम यात्रियों को राहत मिल सके।