Logo
Bhopal News: राजधानी के 75 पार्कों में 30 लाख की लागत से बनी कंपोस्टिंग यूनिटें 5 साल से बंद पड़ी हैं। जैविक खाद उत्पादन ठप, निगम दोबारा प्रक्रिया शुरू करने की बात कर रहा है।

Bhopal News: राजधानी भोपाल के 75 पार्कों में लगीं कंपोस्टिंग यूनिटों में बीते पांच साल से जैविक खाद नहीं बनी। कारण इसके लिए होने वाला प्रोसेस ही बंद कर दिया गया। अब यह खुद गंदगी और बदहाली से घिरी हैं। स्वच्छता सर्वेक्षण—2018 के पूर्व इन्हें पार्कों में बनाया गया था। पार्कों से निकलने वाले कचरे का ही इसमें उपयोग होना था और खाद बनाने की प्रक्रिया के बाद इसका उपयोग पार्कों में लगे पौधों के लिए किया जाना था। इन्हें लगाने पर करीब 30 लाख रुपए भी खर्च किए गए थे। अब खुद निगम के अफसरों को भी इसकी जानकारी नहीं है। 

नगर निगम और राजधानी परियोजना प्रशासन ने इन यूनिटों को स्थापित किया था। इनमें ग्रीन वेस्ट से जैविक खाद बनाने का काम भी शुरू हुआ था। दो साल से ज्यादा समय तक ​नगर निगम की उदृधानिकी शाखा द्वारा जैविक खाद बनाने के लिए प्रोसेस किया और खाद भी बनी, लेकिन जब इसकी ओर ध्यान देना बंद किया तो यह यूनिटें ही बंद हो गईं और निगम के आला अफसर ही भूल गए कि ऐसी यूनिटें भी पार्कों में स्थापित की गई थीं। जिन अधिकारियों के कार्यकाल में इनका स्थापना हुई थी उनमें से अधिकांश के तबादले हो गए या फिर रिटायर हो गए।

इन मुख्य पार्कों में लगी थीं यूनिटें
नीलम पार्क, कमला पार्क, आईटीसी पार्क, चार इमली, जवाहर पार्क, स्वर्ण जयंती पार्क सहित कोलार, संत हिरदाराम नगर, भेल क्षेत्र, होशंगाबाद रोड सहित पुराने शहर के पार्कों में इन्हें स्थापित किया गया था। 

54 पार्कों में निगम और 21 सीपीए के पार्कों में बनी थीं
2018 में ही नगर निगम ने अपने अधीन आने वाले 54 पार्कों और सीपीए के द्वारा विकसित किए गए 21 पार्कों में यह यूनिटें बनाई गई थीं जबकि स्कूल, कॉलेज और सार्वजनिक स्थलों पर भी निगम प्रशासन ने इन्हें बनाने के लिए लोगों को जागरुक किया था और यह बनी भी थीं, लेकिन इनसे खाद बनना अब बंद हो गई।
 
निगम का तर्क— पार्कों में खाद बनाने की प्रक्रिया करेंगे शुरू
नगर निगम के उपायुक्त हीरेन्द्र सिंह कुशवाह का कहना है कंपोस्टिंग यूनिटों की जानकारी नहीं है, लेकिन मामला संज्ञान में आने के बाद वे जैविक खाद बनाने के लिए बनी यूूनिटों की जानकारी लेकर दोबारा प्रक्रिया शुरू करवाएंगे।

5379487