Bhopal LDC Exam Fraud: भोपाल में में सीबीएसई (CBSE) की LDC भर्ती परीक्षा में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है, जहां एक युवक दूसरे की जगह पेपर देता पकड़ा गया। मिसरोद पुलिस ने इस मामले में गिरोह के मास्टरमाइंड समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने एक टेवलेट, दो मोबाईल फोन, आईडी कार्ड और करीब डेढ़ लाख नगदी जब्त की है।
ये युवक भोपाल के बंगरसिया स्थित सेंट्रल स्कूल में रविवार को (CBSE) द्वारा LDC पद के लिए आयोजित परीक्षा में बैठा था। परीक्षा केंद्र में बायोमैट्रिक जांच में गड़बड़ी होने से इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस
पिछले रविवार को केन्द्रीय विद्यालय कैंप बंगरसिया के प्राचार्य ने पुलिस को जानकारी दी कि सीबीएसई की भर्ती परीक्षा में एक अज्ञात व्यक्ति किसी और की जगह परीक्षा दे रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ लिया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने राजस्थान से मुख्य सरगना और असली अभ्यर्थी को भी गिरफ्तार कर लिया।
10 लाख रुपए में तय हुई थी डील
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) डॉ संजय अग्रवाल ने प्रेस कांफ्रेस में जानकारी दी कि 20 अप्रैल को केंद्रीय विद्यालय बंगरसिया, भोपाल (परीक्षा केंद्र क्रमांक -108035) के प्राचार्य और केन्द्राध्यक्ष ने पुलिस को सूचना दी कि रोल नंबर 108115179 – बबलेश मीणा की जगह कोई अज्ञात व्यक्ति परीक्षा दे रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उस युवक को हिरासत में ले लिया।
पूछताछ में उसने पहले पुलिस को गुमराह करत हुए खुद को बबलेश मीणा, निवासी दौसा (राजस्थान) बताया, लेकिन जब पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने अपना असली नाम सोनू कुमार मिश्रा, निवासी पटना (बिहार) बताया। आरोपी सोनू ने बताया कि पटना में पढ़ाई के दौरान उसकी पहचान जसवंत मीणा नाम के युवक से हुई थी। जसवंत ने उसे बबलेश की जगह परीक्षा देने के लिए 4 लाख रुपए का ऑफर दिया था, जबकि बबलेश से उसने 10 लाख रुपए में डील की थी। इस तरह जसवंत 6 लाख रुपये का मुनाफा कमाना चाहता था। जसवंत ने बबलेश से एडवांस में 2 लाख रुपए ले लिए थे और सोनू को फर्जी परीक्षार्थी बनने के लिए उसने 50 हजार रुपए पहले ही दे दिए गए थे।
दिल्ली से भोपाल फ्लाइट से आया था आरोपी
पूछताछ में, आरोपी सोनी ने आगे बताया कि वह 19 अप्रैल को दिल्ली से फ्लाई लेकर भोपाल आया और एक होटल में ठहरा था। अगले दिन सुबह, 20 अप्रैल को आरोपी सोनू परीक्षार्थी बबलेश मीणा बन कर परीक्षा केन्द्र बंगरसिया भोपाल मे परीक्षा देने के लिए गया। जहां बायोमैट्रिक जांच मिसमैच होने पर एग्जाम सेंटर मैनेजमेंट को उसपर शक हुआ। इसके बाद प्रंबंधन ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस को दी। मिसरौद पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। बता दें, पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड सोनू कुमार, जसवंत कुमार मीणा निवासी जयपुर राजस्थान एवं अभ्यर्थी बबलेश मीणा निवासी दौसा राजसथान को अरेस्ट कर दो मोबाईल फोन, एक टेवलेट, फर्जी आईडी कार्ड और करीब डेढ़ लाख नगदी बरामद किया है।










