भोपाल। राजधानी में खनन कारोबार से जुड़े एक बड़े व्यवसायी के ठिकानों पर आयकर विभाग की छापेमारी लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। खनन कारोबारी दिलीप गुप्ता के घर और कार्यालयों पर आयकर विभाग की टीम ने विस्तृत जांच शुरू की है। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश में ग्रेनाइट खनन से जुड़े मामलों की जांच के सिलसिले में की जा रही है। इस अभियान को आयकर विभाग की कानपुर स्थित जांच इकाई ने अंजाम दिया, जो पिछले दो दिनों से लगातार दस्तावेजों और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रहा है।
कई अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड बरामद
सूत्रों के अनुसार छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि इस मामले में कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आए हैं। इनमें भाजपा के पूर्व विधायक युवराज सिंह के साथ ही बहुजन समाज पार्टी से जुड़े एक नेता का नाम भी चर्चा में बताया जा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने अभी तक किसी भी व्यक्ति के खिलाफ आधिकारिक रूप से आरोप तय नहीं किए हैं, पर दस्तावेजों के आधार पर आगे पूछताछ की संभावना है।
बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियों का संदेह
बताया जाता है कि जांच एजेंसियों को संदेह है कि ग्रेनाइट खनन से जुड़े कारोबार में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ियां या अवैध लेन-देन हो सकता है। इसी वजह से आयकर विभाग की टीम ने कारोबारी के कई ठिकानों की जांच की। जानकारी के मुताबिक दिलीप गुप्ता का कारोबार केवल खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि वे रियल एस्टेट और मेडिकल उत्पादों के व्यापार से भी जुड़े हुए हैं। इसी कारण जांच एजेंसियों ने उनके अन्य व्यवसायिक गतिविधियों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल शुरू कर दी है।
गहराई से जांच में जुटे आयकर अधिकारी
जांच के दौरान मिले कई दस्तावेज अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर तैयार किए गए बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कुछ कागजात ऐसे भी मिले हैं जिनमें विभिन्न लोगों के साथ साझेदारी में चल रहे व्यवसाय का उल्लेख किया गया है। आयकर विभाग अब उन लोगों से भी पूछताछ कर सकता है जिनके नाम इन दस्तावेजों में दर्ज हैं। अधिकारियों का मानना है कि इन रिकॉर्ड से कारोबार की वास्तविक संरचना और वित्तीय लेन-देन के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।