भोपाल में सतपुड़ा और विंध्यांचल भवन की जगह सेंट्रल विस्टा जैसी नई इमारत बनाई जाएगी, जिसकी लागत करीब 1700 करोड़ रुपए होगी। हाउसिंग बोर्ड ने खर्च निकालने के लिए किराया आधारित रेवेन्यू मॉडल तैयार किया है, जिसमें निजी बैंक और कंपनियां शामिल होंगी।

भोपाल। मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने सतपुड़ा और विंध्यांचल भवन की जगह प्रस्तावित सेंट्रल विस्टा जैसी नई इमारत के निर्माण की लागत निकालने के लिए एक नया रेवेन्यू मॉडल तैयार किया है। नए रिवेन्यू मॉडल के तहत नई बिल्डिंग के एक हिस्से को निजी बैंकों और कॉर्पोरेट कंपनियों को निश्चित अवधि के लिए किराए पर देने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे आय उत्पन्न कर निर्माण लागत की भरपाई की जा सके। हाउसिंग बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, सतपुड़ा और विंध्यांचल भवन को ध्वस्त कर बनने वाली इस आधुनिक इमारत की अनुमानित लागत करीब 1700 करोड़ है। 

बैंकों-कॉर्पोरेट को किराए पर देने की योजना
इस बड़ी राशि को रिकवर करने के लिए दो से तीन अलग-अलग रेवेन्यू मॉडल तैयार किए गए थे, जिन्हें 26 मार्च को आयोजित एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में प्रस्तुत किया गया। इन प्रस्तावों में से एक मॉडल को प्राथमिकता दी गई, जिसमें नई इमारत के बड़े हिस्से को निजी बैंकों और कॉर्पोरेट संस्थाओं को किराए पर देने की बात शामिल है। इसके अलावा एक अन्य प्रस्ताव भी रखा गया था, जिसमें निजी कंपनियों को जगह बेचने का विकल्प शामिल था, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे खारिज कर दिया गया। यह क्षेत्र संवेदनशील जोन में है, इसलिए वहां स्थायी रूप से निजी स्वामित्व देना उचित नहीं माना गया।

नई बिल्डिंग में मिलेगी लगभग दो गुनी जगह
नई प्रस्तावित बिल्डिंग में वर्तमान सतपुड़ा और विंध्यांचल भवन में संचालित सरकारी कार्यालयों के मुकाबले लगभग दोगुनी जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इसे ग्रीन बिल्डिंग कॉन्सेप्ट के आधार पर विकसित किया जाएगा, जिसमें प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग किया जाएगा, ताकि ऊर्जा की बचत हो सके और पर्यावरण के अनुकूल संरचना तैयार की जा सके। एम्पावर्ड कमेटी की बैठक में सुझाव सामने आया कि भविष्य में सरकारी दफ्तरों के लिए नई जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया सीमित की जाए। 

कार्यालयों को एक परिसर में लाने की योजना
इसके स्थान पर विभिन्न विभागों को नए कॉम्प्लेक्स में स्थानांतरित करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि भूमि का बेहतर उपयोग संभव हो सके। इस योजना के तहत कई सरकारी कार्यालयों को एक ही परिसर में लाने की तैयारी है, जिससे कामकाज में समन्वय बढ़ेगा और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक प्रभावी बनेगी। योजना में ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए समानांतर सड़क और आंतरिक पैदल मार्ग विकसित करने का भी प्रस्ताव है, ताकि आने-जाने में सुविधा हो और भीड़भाड़ कम हो सके। 

एम्पावर्ड कमेटी के समक्ष रखा गया मामला
हाउसिंग बोर्ड के आयुक्त गौतम सिंह ने बताया कि इस मामले को एम्पावर्ड कमेटी के समक्ष रखा गया है और कमेटी से रेवेन्यू मॉडल तथा जमीन हस्तांतरण को लेकर सहमति नोट तैयार करने को कहा गया है। गौरतलब है कि जून 2023 में सतपुड़ा भवन में शॉर्ट सर्किट के कारण भीषण आग लग गई थी, जिसमें कई सरकारी कार्यालय प्रभावित हुए थे। इसके बाद शुरुआत में भवन के नवीनीकरण पर विचार किया गया, लेकिन बाद में सरकार ने नए कॉम्प्लेक्स के निर्माण का फैसला लिया।