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हरसूद में आज से तीन दिवसीय ‘आदिरंग’ महोत्सव की शुरुआत हो रही है, जिसमें देशभर के कलाकार जनजातीय नृत्य, संगीत और संस्कृति की शानदार प्रस्तुतियां देंगे। यह कार्यक्रम 20 से 22 मार्च तक चलेगा और आम जनता के लिए निशुल्क रहेगा।

भोपाल। प्रदेश में जनजातीय संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हर साल आदिरंग महोत्सव का आयोजन किया जाता है। जनजातीय कार्य विभाग, जनजातीय लोक कला एवं बोली विकास अकादमी भोपाल और जिला प्रशासन खंडवा के सहयोग से शुरू होने वाला यह यह तीन दिवसीय कार्यक्रम नया हरसूद के स्टेडियम ग्राउंड में आज 20 मार्च से शुरू हो रहा है। यह कार्यक्रम 22 मार्च तक चलेगा। महोत्सव की खास बात यह है कि इसमें प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से आए कलाकार अपनी परंपरागत कला का प्रदर्शन करेंगे।  

आज शाम छह बजे होगा उद्घाटन
इस आयोजन का उद्घाटन 20 मार्च की शाम 6:30 बजे किया जाएगा। पहले दिन मुख्य अतिथि के रूप में जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री डॉ. कुं. विजय शाह मौजूद रहेंगे। दूसरे दिन केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके कार्यक्रम में शामिल होंगे, जबकि अंतिम दिन महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया कार्यक्रम में मैजूद रहेंगी। इसके अलावा विभिन्न जनप्रतिनिधि और समाज के प्रमुख लोग भी कार्यक्रम में अतिथि के रूप में भाग लेंगे।

दिखेगी जनजातीय जीवन की झलक
महोत्सव के दौरान हर दिन अलग-अलग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए जाएंगे, जिनमें जनजातीय जीवन की झलक देखने को मिलेगी। पहले दिन भीली जल कथा पर आधारित नृत्य-नाट्य, भगोरिया नृत्य, करमा-फाग, राठवा होली और सिंगारी जैसे लोकनृत्य मंच पर प्रस्तुत होंगे। दूसरे दिन भीली गायन, नर्मदा प्रवाह पर आधारित नाटिका, बरेदी, लहंगी, गणगौर और ढीमसा जैसे कार्यक्रम दर्शकों का मनोरंजन करेंगे। 

लगेगी जनजातीय जीवन से जुड़ी प्रदर्शनी  
वहीं, अंतिम दिन वीरांगना रानी दुर्गावती पर आधारित नृत्य-नाट्य, मटकी नृत्य, करमा सैला, ठाट्या, गुसाड़ी और नटुआ नृत्य के साथ इस आयोजन का समापन किया जाएगा। महोत्सव में जनजातीय जीवन से जुड़ी प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इनमें जनजातीय जननायकों पर आधारित प्रदर्शनियां और मां नर्मदा से संबंधित गोंड समुदाय की लोककथाओं व गीतों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। 

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