रायपुर। प्रदेश में निशुल्क एंबुलेंस सेवा 108 का संचालन करने वाली एजेंसी में छह साल बाद बदलाव कर दिया गया है। इस बार 375 नई गाड़ियों के साथ जीवीके ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विस फील्ड पर उतरेगी। 300 बीएलएस गाड़ियों के साथ 70 एडवांस लाइफ सपोर्ट तथा पांच एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट नियोनेटल एंबुलेंस भी बेड़े में शामिल की गयी है। नई कंपनी एक अप्रैल से अपनी सेवा की शुरुआत करेगी। जीवीके राज्य में 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा की शुरुआत के दौरान करीब दस साल तक अपनी सेवा प्रदान कर चुकी है। इसके बाद हुए टेंडर में नई एजेंसी को 6 साल काम करने का मौका मिला। नए टेंडर प्रक्रिया में जीवीके को पुनः एंबुलेंस - चलाने का मौका दिया गया है।
जानकारी के अनुसार, नियम एवं शर्तों के मुताबिक इस योजना में गाड़ियों की संख्या बढ़ाई गई। इस बार विभिन्न पाइंट पर तैनात 300 बेसिक लाइफ सपोर्ट वाली एंबुलेंस तैनात रहेगी जो मिली सूचना के आधार पर घटनास्थल पहुंचकर मरीजों को अस्पताल पहुंचाएगी। इस बार एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस की संख्या 70 की गई है जो शासन के निर्देशानुसार सीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कालेजों में तैनात रहेगी। इसके साथ ही इस बार नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए पांच एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट नियोनेटल एंबुलेंस को आपात स्थितियों से निपटने के लिए तैनात किया गया है। माना जा रहा है कि नई ठेका कंपनी एक अप्रैल से 108 संजीवनी एंबुलेंस सेवा की स्टीयरिंग संभालेगी।
एंबुलेंस का ट्रिप भी बढ़ेगा
सूत्रों का दावा है कि, नई एंबुलेंस को अत्याधुनिक जीवनरक्षक चिकित्सा उपकरणों और बेहतर मरीज देखमाल सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इससे मरीजों को अस्पताल ले जाते समय ही बेहतर प्राथमिक उपचार और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी। सेवा की दक्षता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी किया गया है कि पहले प्रत्येक एंबुलेंस औसतन प्रतिदिन तीन ट्रिप करती थी, जबकि अब बेहतर प्रणाली और संसाधनों के साथ प्रत्येक गाड़ियां प्रतिदिन चार ट्रिप तक कर सकेगी।
रीयल टाइम ट्रैकिंग भी
इस बार एंबुलेंस सेवा में लोकेशन बेस्ड सर्विस और मोबाइल डाटा टर्मिनल जैसी आधुनिक तकनीकों को भी जोड़ा गया है, जिससे एंबुलेंस की रीयल-टाइम ट्रैकिंग, संचार और डिस्पैच प्रणाली और अधिक प्रभावी होगी। 108 संजीवनी एक्सप्रेस सेवा के इस सुदृढ़ीकरण से सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, मातृ एवं नवजात आपात स्थितियों में नागरिकों को समय पर, भरोसेमंद और जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता उपलब्ध होगी, जो राज्य के लोगों के लिए एक बड़ी राहत और महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित होगी।







