भोपाल। बरकतउल्ला विश्वविद्यालय (बीयू) में कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद से जुड़े इंदिरा गांधी प्रियदर्शिनी कॉलेज की फाइल गायब होने का मामला अब गंभीर रूप लेता दिख रहा है। बताया जा रहा है कि जब विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी, तब जाकर यह फाइल सामने आई है। इस घटनाक्रम ने विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था और दस्तावेजों की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। दरअसल, मध्य प्रदेश उच्च शिक्षा विभाग ने करीब एक वर्ष पहले ही इस कॉलेज की मान्यता समाप्त कर दी थी। इसके बावजूद बीयू की ओर से कॉलेज की संबद्धता समाप्त करने की प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं की गई।
कार्य परिषद बैठक में रखा जाएगा मामला
कॉलेज से जुड़ी फाइल विश्वविद्यालय की अकादमिक शाखा से गायब बताई जा रही थी। विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार प्रो. समर बहादुर सिंह ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभाग को नोटिस जारी किया और कहा कि यदि फाइल तुरंत प्रस्तुत नहीं की गई तो पुलिस में मामला दर्ज कराया जाएगा। इस चेतावनी का अच्छा असर हुआ। इसके बाद फाइल अकादमिक शाखा से निकलकर सीधे रजिस्ट्रार कार्यालय पहुंच गई है। अब विश्वविद्यालय प्रशासन आगामी कार्य परिषद की बैठक में इस कॉलेज की संबद्धता समाप्त करने का प्रस्ताव रखने की तैयारी कर रहा है।
हाई कोर्ट ने दिया मसूद पर FIR का निर्देश
विश्वविद्यालय का कहना है कि विभाग द्वारा मान्यता खत्म करने के आदेश पहले ही दिए जा चुके थे, लेकिन कानूनी प्रक्रिया और अन्य कारणों का हवाला देकर कार्रवाई लंबित रखी गई थी। विश्वविद्यालय प्रबंधन पहले यह तर्क दे रहा था कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है, हालांकि वह मामला कॉलेज में प्रवेश से जुड़ा बताया गया है, न कि संबद्धता से। इसी बीच मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भी इस प्रकरण को गंभीर माना है। कोर्ट ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कॉलेज की मान्यता लेने के आरोपों की जांच के निर्देश दिए हैं और विधायक आरिफ मसूद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा है।
पुलिस जल्द शुरू कर सकती है पूछताछ
न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन की अदालत ने कॉलेज में नए प्रवेश पर रोक लगा दी है और मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया है। अदालत ने जांच टीम को 90 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं। वहीं विश्वविद्यालय में केवल इसी कॉलेज की फाइल नहीं, बल्कि 13 अन्य महत्वपूर्ण फाइलें भी गायब होने की जानकारी सामने आई है। इस संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन ने बागसेवनिया थाना में शिकायत भेजकर एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।