A PHP Error was encountered

Severity: Warning

Message: Undefined variable $summary

Filename: widgets/story.php

Line Number: 3

Backtrace:

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/mobile/widgets/story.php
Line: 3
Function: _error_handler

File: /content/websites/front-hbm/application/views/themes/amp/story.php
Line: 39
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 507
Function: view

File: /content/websites/front-hbm/application/libraries/Sukant.php
Line: 341
Function: loadAmpTheme

File: /content/websites/front-hbm/application/controllers/Content.php
Line: 303
Function: contentStorypageAmp

File: /content/websites/front-hbm/index.php
Line: 319
Function: require_once

सुभाष सेठी, सिरसा: हरियाणा के पश्चिमी छोर पर बसा डबवाली विधानसभा क्षेत्र इस बार चौधरी देवीलाल परिवार के सदस्यों की चुनावी रणभूमि होने के कारण वीआईपी हल्का बना हुआ है। यहां ताऊ देवीलाल परिवार की दूसरी व तीसरी पीढ़ी में हो रही चुनावी जंग पर सबकी निगाहें टिकी है। कांग्रेस पार्टी ने डबवाली से अपने मौजूदा एम.एल.ए अमित सिहाग को दोबारा चुनाव मैदान में उतारा है। इंडियन नेशनल लोकदल की ओर से चौधरी देवीलाल के पौत्र आदित्य चौटाला चुनाव मैदान में हैं। जजपा की ओर से चौ.देवीलाल के पड़पौत्र दिग्विजय सिंह चौटाला ने चुनावी ताल ठोक रखी है।

2009 में ओपन हुआ था हलका

डबवाली विधानसभा क्षेत्र 2009 से पहले एक आरक्षित विधानसभा क्षेत्र था। 2009 में यह हलका ओपन हुआ तो यहां से अजय सिंह चौटाला विधायक बने। उसके बाद चुनाव में उनकी पत्नी नैना सिंह चौटाला भी डबवाली से विधायक बनी। 2019 के विधानसभा चुनाव में लंबे समय बाद कांग्रेस को डबवाली में विजय मिली। 2019 के चुनाव में अजय सिंह चौटाला के परिवार ने डबवाली से किनारा कर लिया। इस चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ते हुए अमित सिहाग ने 66885 वोट हासिल करते हुए भाजपा के आदित्य चौटाला को 15647 वोट के अंतर से चुनाव हराया।

निर्णायक भूमिका में दलित व पिछड़ा वर्ग

डबवाली विधानसभा क्षेत्र में दलित व पिछड़े वर्ग के मतदाता निर्णायक भूमिका में हैं। यहां के करीब 207000 मतदाताओं में से आधे के करीब मतदाता दलित व पिछड़े वर्ग से आते हैं। इस वर्ग पर कांग्रेस पार्टी का अच्छा प्रभाव रहा है। इस प्रभाव को तोड़ने के लिए इनेलो ने बसपा के साथ समझौता किया है। जबकि जजपा समाज पार्टी के साथ जुड़कर इन मतदाताओं को प्रभावित कर रही है। उसके बाद पंजाबी मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है। पंजाबी मतदाताओं में जट सिख मतदाता अधिक प्रभाव रखते हैं। यह सोचकर भाजपा ने एक सिख चेहरे को टिकट दी है।

सर्वश्रेष्ठ विधायक का खिताब जीत चुके अमित सिहाग

कांग्रेस उम्मीदवार अमित सिहाग पिछली बार अच्छे मार्जिन से जीते थे। लोकसभा के चुनाव में भी कांग्रेस पार्टी का शानदार प्रदर्शन रहा। उनका मिलनसार स्वभाव व उनके पिता डॉ. केवी सिंह की सक्रिय राजनीति उनके पक्ष को मजबूत बनाती है। अमित सिहाग का ग्रामीण व शहरी दोनों इलाकों में अच्छा प्रभाव है। विधानसभा में वह सर्वश्रेष्ठ विधायक का खिताब जीत चुके हैं। इन सब बातों से उन्हें चुनाव में फायदा मिल रहा है।