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राहगीरों से लिफ्ट मांगकर उन्हें छेड़छाड़ के झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जाती थी। गिरोह की मुख्य सरगना 36 वर्षीय एक महिला है, जो मूल रूप से पंजाब की रहने वाली है।

हरियाणा के सिरसा जिले के डबवाली क्षेत्र में सक्रिय एक शातिर ब्लैकमेलिंग गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह सड़क पर अकेले जा रहे दोपहिया वाहन चालकों को अपना निशाना बनाता था। गिरोह की मुख्य सरगना एक महिला है, जो लिफ्ट मांगने के बहाने मासूम लोगों को अपने जाल में फंसाती थी और फिर छेड़छाड़ का झूठा मुकदमा दर्ज कराने की धमकी देकर मोटी रकम वसूलती थी।

पंजाब से शुरू हुआ था जुर्म का सफर 
पुलिस तफ्तीश में सामने आया है कि इस गिरोह की मास्टरमाइंड मूल रूप से पंजाब की रहने वाली है। उसने अपराध की दुनिया में अपना पहला कदम करीब 5 से 7 साल पहले पंजाब में ही रखा था। वहां भी उसने कई लोगों को इसी तरह लिफ्ट के बहाने ब्लैकमेल कर लाखों रुपये ऐंठे थे। पंजाब में इस तरह की वारदातों को अंजाम देने के बाद वह हरियाणा के डबवाली में आकर किराए के मकान में रहने लगी और यहां भी अपना जाल फैला दिया।

पहले मोहपाश, फिर दिखाते थे पुलिस का डर
इस गिरोह के काम करने का तरीका बेहद शातिर था। महिला सड़क किनारे खड़ी होकर बाइक या स्कूटी सवारों से लिफ्ट मांगती थी। एक बार वाहन पर बैठने के बाद वह चालक को अपनी बातों में उलझाकर उत्तेजित करने का प्रयास करती। जैसे ही वाहन किसी सुनसान जगह पहुंचता, महिला के अन्य साथी वहां आ धमकते। 
वे गिरोह के सदस्य बनकर चालक पर महिला के साथ बदतमीजी करने का आरोप लगाते और उसे जेल भिजवाने की धमकी देते। बदनामी और कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए डरा-सहमा चालक उन्हें पैसे देने को तैयार हो जाता। यह गिरोह एक व्यक्ति से 30 से 50 हजार रुपये तक की वसूली करता था।

एक साल जेल में बिताने के बाद फिर शुरू किया धंधा
डबवाली सदर थाना प्रभारी शैलेंद्र सिंह ने बताया कि महिला पहले भी ब्लैकमेलिंग के एक मामले में करीब एक साल तक पंजाब की जेल में सजा काट चुकी है। जेल से बाहर आने के बाद उसने अपना ठिकाना बदल लिया और डबवाली के मसीता गांव के एक व्यक्ति को अपना शिकार बनाया। हालांकि, इस बार पीड़ित ने हिम्मत दिखाई और पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी, जिससे इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सका।

ऐशो-आराम की चाहत ने बनाया अपराधी
36 वर्षीय आरोपी महिला की निजी जिंदगी भी काफी उथल-पुथल भरी रही है। उसने पंजाब में दो बार शादियां कीं, लेकिन दोनों ही असफल रहीं। वर्तमान में वह बठिंडा के एक युवक के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थी। पुलिस पूछताछ में पता चला कि महिला मेहनत-मजदूरी नहीं करना चाहती थी। उसे अपनी विलासितापूर्ण जरूरतों के लिए आसान रास्ते से पैसे कमाने की ललक थी, जिसके कारण उसने अपने चार साथियों के साथ मिलकर यह गिरोह तैयार किया।

पुलिस नेघेराबंदी कर दबोचा 
पुलिस को सूचना मिली थी कि महिला गोल चौक पर खड़ी है और कहीं भागने की फिराक में है। डबवाली पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। महिला के साथ-साथ गिरोह के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया हैख। कृष्ण कुमार उर्फ विक्की को पीड़ित से 20 हजार रुपये की फिरौती लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। राजू (डबवाली), हरविंदर सिंह (बठिंडा) और हरभगवान (बठिंडा) को भी पुलिस ने सलाखों के पीछे भेज दिया है।
फिलहाल पुलिस महिला से गहनता से पूछताछ कर रही है ताकि सिरसा और आसपास के क्षेत्रों में हुई अन्य वारदातों का पता लगाया जा सके। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि अनजान लोगों को लिफ्ट देते समय सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध परिस्थिति में तुरंत पुलिस को सूचित करें। 

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