वैश्विक तनाव और युद्ध की आहट का असर अब सीधे तौर पर आम आदमी की जेब और दैनिक जीवन पर दिखने लगा है। घरेलू गैस (LPG) के बाद अब पेट्रोल और डीजल की किल्लत की आशंका ने हरियाणा के कई जिलों में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया है। हिसार, भिवानी और सिरसा जैसे जिलों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग भविष्य में किल्लत के डर से अपने वाहनों की टंकियां फुल कराने के लिए घंटों इंतजार कर रहे हैं।
हिसार में गहराया संकट, कई इलाकों में 'नो स्टॉक' के बोर्ड
हिसार जिले में स्थिति सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण नजर आ रही है। गुरुवार रात करीब 10 बजे तक शहर के अधिकांश पेट्रोल पंपों पर तेल समाप्त हो गया। स्थिति यह है कि कैमरी रोड और अग्रोहा स्थित मुख्य पंपों पर तेल न मिलने के कारण ग्राहकों को खाली हाथ लौटना पड़ा। ग्रामीण इलाकों में स्थिति और भी खराब है, जहां डीजल खत्म होने के बाद किसान अपने ट्रैक्टर लेकर शहर के पंपों की ओर रुख कर रहे हैं। आईजी चौक स्थित पंप पर भी डीजल की भारी कमी दर्ज की गई है।
यमुनानगर में बोतलों और खुले में तेल बिक्री पर रोक
ईंधन की संभावित किल्लत को देखते हुए यमुनानगर के पंप संचालकों ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। भविष्य में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचने के लिए अब वहां बोतलों या अन्य डिब्बों में खुला तेल देना पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। संचालक केवल वाहनों की टंकी में ही ईंधन भर रहे हैं ताकि स्टॉक को नियंत्रित किया जा सके और कालाबाजारी पर अंकुश लग सके।
युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में हलचल
इस पैनिक के पीछे का मुख्य कारण अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य तनाव है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अचानक $73 प्रति बैरल से उछलकर $105 के पार जा चुकी हैं। तेल कंपनियों को होने वाले संभावित घाटे और कीमतों में भारी बढ़ोतरी की खबरों ने जनता के बीच डर पैदा कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप पंपों पर अचानक बिक्री 3 से 4 गुना बढ़ गई है।
केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत, एक्साइज ड्यूटी घटाई
जनता को राहत देने और कीमतों को स्थिर रखने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में ₹10-₹10 प्रति लीटर की कमी कर दी है।
• पेट्रोल: ड्यूटी ₹13 से घटाकर ₹3 कर दी गई है।
• डीजल: ड्यूटी ₹10 से घटाकर शून्य (0) कर दी गई है। इस कटौती का मुख्य उद्देश्य तेल कंपनियों के घाटे को कवर करना है ताकि उन्हें घरेलू बाजार में दाम बढ़ाने की जरूरत न पड़े।
पंप संचालकों की शिकायत
हिसार के पेट्रोल पंप डीलर एसोसिएशन के प्रधान राजकुमार सलेमगढ़ ने बताया कि फिलहाल स्थिति को काबू में करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं। कुछ संचालकों ने आरोप लगाया है कि पिछले कुछ दिनों से बिक्री में अचानक आए उछाल के बीच कंपनी के अधिकारी उनके फोन नहीं उठा रहे हैं, जिससे आपूर्ति की सही स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। इस समस्या को लेकर एसोसिएशन आज जिला उपायुक्त (DC) से मुलाकात करेगी।
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