पानीपत रिफाइनरी में ओवरटाइम और वेतन कटौती से नाराज हजारों मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। पथराव और तोड़फोड़ के बीच CISF को हवाई फायरिंग करनी पड़ी।

पानीपत में ओवरटाइम, वेतन कटौती और अधिकारियों के कथित दुर्व्यवहार से नाराज हजारों मजदूरों ने उग्र प्रदर्शन किया। देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें मजदूरों ने सुरक्षा बलों पर पथराव किया और 10 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए CISF के जवानों को दो राउंड हवाई फायर करने पड़े।

कहासुनी के बाद बिगड़ा माहौल                                           

जानकारी के अनुसार, रिफाइनरी के विभिन्न प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले लगभग 35 से 40 हजार मजदूरों ने सोमवार सुबह से ही गेट नंबर 4 पर अपनी मांगों को लेकर धरना शुरू किया था। दोपहर करीब 1 बजे सुरक्षा में तैनात CISF कर्मियों और मजदूरों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। इसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई और लाठी-डंडों से लैस होकर निर्माणाधीन प्रोजेक्ट के पास खड़ी गाड़ियों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। मजदूरों ने कई गाड़ियों को पलट दिया और पथराव किया।

सुरक्षा बलों और पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। तनाव बढ़ता देख CISF अधिकारियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए हवाई फायरिंग की। 

पुलिस के दखल के बाद मामला हुआ शांत 
करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत और पुलिस के दखल के बाद मामला शांत हुआ। DSP सिटी राजबीर ने बताया कि फिलहाल कानून व्यवस्था नियंत्रण में है और मजदूरों के प्रतिनिधियों से बातचीत की जा रही है। 

मजदूरों ने रखी अपनी मांगे 
मजदूरों का आरोप है कि रिफाइनरी के अंदर उनके साथ बंधुआ मजदूरों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। 
उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं-

  • ड्यूटी का समय: मजदूरों का कहना है कि 8 घंटे की जगह उनसे 12 घंटे काम लिया जाता है, लेकिन अतिरिक्त समय का वेतन नहीं दिया जाता।
  • बुनियादी सुविधाओं का अभाव: गेट नंबर 4 से साइट तक जाने के लिए साधन नहीं है और न ही काम के पास शौचालय या कैंटीन की व्यवस्था है।
  • वेतन में कटौती: मजदूरों ने शिकायत की है कि PF और ESI के नाम पर उनके वेतन से बेहिसाब कटौती की जाती है और स्पष्ट हिसाब नहीं दिया जाता।
  • दुर्व्यवहार: आरोप है कि ठेकेदार और सुरक्षाकर्मी गेट पास और अन्य जांच के नाम पर मजदूरों के साथ गाली-गलौज और दुर्व्यवहार करते हैं।

पुलिस मे दिया जांच का आशवासन                                            पुलिस प्रशासन ने मजदूरों की मांगों को लिखित रूप में लिया है और प्रबंधन के साथ बैठक कर समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। हालांकि, रिफाइनरी परिसर में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी सुरक्षा बल तैनात है।