haribhoomi hindi news
हिसार के दो लोगों को वॉट्सएप ग्रुपों में जोड़कर भारी मुनाफे का लालच दिया गया। ठगों ने उन्हें 'मार्क सीएम' नामक एक फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर निवेश के लिए प्रेरित किया।

हरियाणा के हिसार जिले से साइबर अपराध का एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है जिसने पुलिस और आम जनता दोनों को हैरान कर दिया है। यहां एक व्यापारी और उनके रिश्तेदार को स्टॉक मार्केट में ऊंचे रिटर्न का सपना दिखाकर साइबर ठगों ने ₹2,40,05,000 की भारी-भरकम राशि पर हाथ साफ कर दिया। इस डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हुए जीजा-साले की जोड़ी को अब कानून की शरण लेनी पड़ी है। 

वॉट्सएप ग्रुप के जरिए बिछाया गया 'ट्रेडिंग' का जाल
घटना की शुरुआत हिसार के नागोरी गेट निवासी सन्नी बंसल से हुई, जो स्टील पाइप के व्यवसाय से जुड़े हैं। पुलिस को दी गई शिकायत में सन्नी ने बताया कि करीब एक माह पूर्व उन्हें उनकी सहमति के बिना “Trading Friends Club G7” और “Shark Club G7” जैसे लुभावने नाम वाले वॉट्सएप ग्रुपों में शामिल किया गया था। इन ग्रुपों में फर्जी स्क्रीनशॉट्स के जरिए यह दिखाया जाता था कि लोग कैसे रातों-रात शेयर ट्रेडिंग से लाखों रुपये कमा रहे हैं। 
इस चमक-धमक से प्रभावित होकर सन्नी ने अपने जीजा सतीश कुमार को भी इसकी जानकारी दी। जल्द ही, ठगों के गिरोह (जो खुद को डॉ. राजीव सिंह, मीना और खुशी बताते थे) ने उन्हें 'मार्क सीएम' नामक एक विदेशी ट्रेडिंग मोबाइल एप्लिकेशन का लिंक भेजा। ठगों ने दावा किया कि यह ऐप भारत और अमेरिका में पूरी तरह लाइसेंस प्राप्त और सुरक्षित है। 

शुरुआती 'वर्चुअल' मुनाफे ने जीता भरोसा
विश्वास बहाली के लिए ठगों ने एक सोची-समझी रणनीति अपनाई। ऐप पर आईडी बनाने के बाद जब सन्नी और सतीश ने छोटी रकम निवेश की, तो ऐप के डैशबोर्ड पर उन्हें कुछ ही दिनों में जबरदस्त मुनाफा दिखाई देने लगा। इस आभासी (वर्चुअल) लाभ को देखकर दोनों को यकीन हो गया कि यह निवेश का बेहतरीन मौका है। इसके बाद ठगों ने उन्हें विशेष आईपीओ (IPO) में पैसा लगाने का लालच दिया। 

RTGS और विभिन्न किश्तों में लूटे करोड़ों रुपये
ठगों ने पीड़ितों को CMPDI जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स में निवेश का झांसा दिया और अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी साझा की।
• सन्नी बंसल का निवेश: उन्होंने 12 मार्च से 30 मार्च के बीच अपने निजी बैंक खाते से करीब 43 लाख रुपये विभिन्न किश्तों (जैसे 27.50 लाख, 10 लाख आदि) में ट्रांसफर किए। 
• जीजा सतीश कुमार का निवेश: वहीं, सतीश कुमार ने मुनाफे के लालच में आकर आरटीजीएस (RTGS) के जरिए लगभग 1.97 करोड़ रुपये ठगों द्वारा बताए गए बैंक खातों में भेज दिए। 

पैसे निकालने की बारी आई तो लॉक कर दिया अकाउंट
जब निवेश की गई राशि और उस पर दिखा रहा मुनाफा करोड़ों में पहुंच गया, तो पीड़ितों ने पैसे निकालने (Withdrawal) की कोशिश की। यहीं से ठगों का असली चेहरा सामने आया। ऐप से निकासी की सुविधा बंद कर दी गई। जब उन्होंने ग्रुप एडमिन से संपर्क किया, तो उन्हें और अधिक पैसे जमा करने के लिए मजबूर किया गया। 
हैरानी की बात यह है कि जैसे ही पीड़ितों ने दबाव बनाया, उनके ऐप अकाउंट में अचानक भारी नुकसान दिखाया जाने लगा और अंततः उनके खातों को फ्रीज कर दिया गया। तब जाकर दोनों को एहसास हुआ कि उनके साथ बहुत बड़ी धोखाधड़ी हुई है। 

पुलिसिया कार्रवाई और साइबर सेल की चेतावनी
ठगी का पता चलते ही पीड़ितों ने तुरंत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCCRP) पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। हिसार साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन बैंक खातों की कड़ियों को जोड़ रही है जिनमें करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

पुलिस ने आम जनता को सचेत किया है कि किसी भी अनजान वॉट्सएप ग्रुप या टेलीग्राम चैनल पर दिए गए निवेश के सुझावों पर भरोसा न करें। शेयर बाजार में निवेश हमेशा सेबी (SEBI) द्वारा पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही करें और किसी भी अज्ञात लिंक से ऐप डाउनलोड करने से बचें।  

(हरियाणा के जिले, कस्बे और गांवों की खबरों के लिए हरिभूमि का "ई-पेपर" पढ़ें।  यहां क्लिक करें epaper haribhoomi या प्लेस्टोर से "हरिभूमि हिंदी न्यूज़" App डाउनलोड करें। ) 

7