हरियाणा के पानीपत जिले का समालखा कस्बा आगामी 13 मार्च से देश की राष्ट्रवादी राजनीति और सामाजिक विमर्श का केंद्र बनने जा रहा है। 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली इकाई, अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय वार्षिक बैठक 13 से 15 मार्च तक आयोजित की जाएगी। 

इस बैठक में संघ प्रमुख मोहन भागवत और भाजपा के नवनियुक्त अध्यक्ष नितिन नवीन समेत संघ परिवार के 1,489 शीर्ष नेता शिरकत करेंगे।

शताब्दी वर्ष समारोह की रूपरेखा होगी तैयार

आरएसएस के अखिल भारतीय मीडिया प्रमुख सुनील अंबेकर के अनुसार, यह बैठक पट्टी कल्याण स्थित 'ग्राम विकास एवं सेवा साधना केंद्र' में होगी। चूंकि संघ अपने शताब्दी वर्ष (100 साल) के समारोह की ओर बढ़ रहा है, इसलिए इस बैठक का महत्व और बढ़ गया है।

  • हिंदू एकता का एजेंडा-बैठक में मुख्य फोकस हिंदू समाज की एकजुटता और राष्ट्रीय मुद्दों पर रहेगा।
  • शताब्दी वर्ष कार्यक्रम-विजयदशमी उत्सव, जनसंपर्क (गृहसंपर्क), और देशव्यापी हिंदू सम्मेलनों की रणनीति पर चर्चा होगी।
  • संगठनात्मक रिपोर्ट-विभिन्न प्रांतों में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की जाएगी और साल 2025-26 के लिए आगामी कार्यक्रमों का कैलेंडर तय होगा।

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की पहली बैठक
 

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में जिम्मेदारी संभालने के बाद नितिन नवीन के लिए यह पहली आधिकारिक आरएसएस बैठक होगी। हालांकि उनके आगमन की सटीक तारीख अभी गोपनीय रखी गई है, लेकिन संघ और भाजपा के बीच समन्वय के लिहाज से उनकी उपस्थिति बेहद खास मानी जा रही है। बैठक में सरकार और संगठन के बीच आगामी चुनौतियों पर भी अनौपचारिक चर्चा संभव है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, जुटेंगे 1500 दिग्गज

समालखा के साधना केंद्र में होने वाली इस सभा में आरएसएस के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले सहित संघ के सभी 32 अनुषांगिक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।1500 के करीब दिग्गजों के आगमन को देखते हुए प्रशासन और स्वयंसेवकों ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

जानकारी के मुताबिक यह बैठक केवल संगठनात्मक चर्चा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सामाजिक समरसता, युवा सम्मेलन और नागरिक सभाओं के माध्यम से संघ के आधार को और विस्तार देने की योजना पर मुहर लगाएगी।

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