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निर्वाचन आयोग ने हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनावी कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन सीटों के लिए 5 मार्च तक नामांकन भरे जा सकेंगे।

भारतीय निर्वाचन आयोग ने हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है, 16 मार्च को होने वाले इस चुनाव के लिए नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिसके लिए 5 मार्च तक पर्चे दाखिल किए जा सकते हैं। वर्तमान में ये दोनों सीटें भारतीय जनता पार्टी के पास हैं, जिन पर किरण चौधरी और रामचंद्र जांगड़ा काबिज हैं। इन दोनों सांसदों का कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो रहा है। 

नामांकन से लेकर परिणाम तक का शेड्यूल 
निर्वाचन आयोग के नोटिफिकेशन के अनुसार 10 राज्यों की 37 सीटों के साथ हरियाणा की इन 2 सीटों पर भी चुनावी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 
• नामांकन की अंतिम तिथि: 5 मार्च 2026
• मतदान की तारीख: 16 मार्च 2026 (सुबह 9 से शाम 4 बजे तक)
• परिणाम: 16 मार्च की शाम को ही मतों की गिनती के बाद नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे।
उल्लेखनीय है कि रामचंद्र जांगड़ा 2020 में निर्विरोध चुने गए थे, जबकि किरण चौधरी पिछले साल अगस्त में दीपेंद्र हुड्डा के इस्तीफे से खाली हुई सीट पर निर्विरोध सांसद बनी थीं। 

क्या भाजपा और कांग्रेस को मिलेगी 1-1 सीट 
हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में वर्तमान दलीय स्थिति के अनुसार राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए 31 प्रथम वरीयता के वोटों की आवश्यकता है। 

वोटों का मौजूदा समीकरण- 
• भाजपा: 48 विधायक
• कांग्रेस: 37 विधायक
• निर्दलीय: 03 विधायक
• इनेलो (INLD): 02 विधायक

ये है जीत का फॉर्मूला
राज्यसभा चुनाव में जीत का कोटा निकालने के लिए कुल वैध मतों को (खाली सीटें + 1) से भाग देकर उसमें 1 जोड़ दिया जाता है। इस गणना के आधार पर जीत के लिए 31 वोट अनिवार्य हैं। इस लिहाज से भाजपा अपने 48 वोटों के दम पर एक सीट आसानी से जीत लेगी, जिसके बाद उसके पास 17 अतिरिक्त वोट बचेंगे। वहीं, कांग्रेस के पास 37 विधायक हैं, जो एक उम्मीदवार को जिताने के लिए पर्याप्त हैं। यदि दोनों दल केवल एक-एक उम्मीदवार उतारते हैं, तो चुनाव की नौबत नहीं आएगी और वे निर्विरोध चुने जाएंगे। 

क्या दूसरी सीट पर होगा 'खेला' 
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि भाजपा दूसरी सीट पर भी अपना प्रत्याशी उतारती है, तो उसे 9 क्रॉस वोटों की जरूरत पड़ेगी। भाजपा के पास बचे हुए 17 वोटों में यदि निर्दलीय (3) और इनेलो (2) के वोट जोड़ दिए जाएं, तो भी संख्या 22 तक ही पहुंचती है। ऐसे में दूसरी सीट जीतने के लिए कांग्रेस के खेमे में सेंधमारी अनिवार्य होगी। संवैधानिक मामलों के जानकार एडवोकेट हेमंत कुमार के अनुसार अगर केवल दो ही उम्मीदवार मैदान में रहते हैं, तो नाम वापसी के दिन ही उन्हें विजेता घोषित कर दिया जाएगा। 

उम्मीदवारों की रेस : कांग्रेस में 'बाहरी' बनाम 'स्थानीय'
कांग्रेस इस बार राज्यसभा के लिए किसी केंद्रीय चेहरे पर दांव लगा सकती है। 
1. बीके हरि प्रसाद: हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी होने के नाते उनकी दावेदारी सबसे मजबूत मानी जा रही है।
2. जयराम रमेश और पवन खेड़ा: इन दिग्गज नेताओं के नामों पर भी आलाकमान विचार कर रहा है।
3. स्थानीय चेहरे: यदि पार्टी प्रदेश के नेताओं को मौका देती है, तो पूर्व अध्यक्ष उदयभान और पूर्व विधायक राव दान सिंह के नाम रेस में सबसे आगे हैं। 

भाजपा में दावेदारों की लंबी लाइन 
भाजपा में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पसंद को प्राथमिकता मिलने की चर्चा है। यहां बाहरी उम्मीदवारों के बजाय स्थानीय दिग्गजों के बीच लॉबिंग तेज है। 
• कुलदीप बिश्नोई और कैप्टन अभिमन्यु: ये दोनों दिग्गज नेता लंबे समय से राज्यसभा जाने की कतार में हैं।
• सतीश पूनिया और कमल गुप्ता: पार्टी के भीतर इनके नामों पर भी गंभीर मंथन चल रहा है।
• किरण चौधरी: वे स्वयं दोबारा सदन पहुंचने के लिए पूरा जोर लगा रही हैं। 
• अन्य नाम: पूर्व सांसद सुनीता दुग्गल और सुदेश कटारिया भी मुख्यमंत्री और आलाकमान के संपर्क में हैं। 

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