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सूरज हत्याकांड को लेकर प्रदर्शन कर रहे  SC समाज पर कई अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां की गई जिस वजह से लोगों में काफी रोष पैदा हो गया। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि जब तक दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज नहीं होती और संबंधित महिला सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगती तब कर यह जारी रहेगा।

सूरज हत्याकांड:  जिले के गांव गोंदर में हुए सूरज हत्याकांड का मामला अब गरमाता जा रहा है। हत्या के बाद विरोध प्रदर्शन के दौरान अनुसूचित जाति समाज के खिलाफ की गई कथित अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियों को लेकर समाज के लोगों में भारी रोष है। मंगलवार को बड़ी संख्या में एससी समाज के लोग करनाल जिला सचिवालय पहुंचे और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया।

"जब तक माफी नहीं, तब तक धरना जारी"
प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को दो-टूक चेतावनी दी है कि जब तक दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होती और संबंधित महिला सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगती, तब तक वे जिला सचिवालय के बाहर धरने पर डटे रहेंगे। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि इस तरह की भड़काऊ टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने वाली हैं और इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इन लोगों पर लगे गंभीर आरोप
पुलिस को दी गई शिकायत में कई लोगों को नामजद किया गया है:

  • कुलदीप राणा (गोंदर): आरोप है कि इन्होंने भीड़ के बीच एससी समाज को नीचा दिखाने के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और "गांव खाली करवाने" जैसी धमकियां दीं।
  • रानी देवी (गोंदर): आरोप है कि इन्होंने समाज की महिलाओं के खिलाफ बेहद अभद्र और आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया।
  • अजय उर्फ वासू: शिकायत के अनुसार, अजय ने समाज के लोगों को सरेआम गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी।

कुछ लोगों एससी समाज को  बनाया निशाना 
निसिंग निवासी जसबीर कुमार ने बताया कि 19 अप्रैल को जब गोंदर गांव में सूरज की हत्या के विरोध में प्रदर्शन चल रहा था, उसी दौरान भीड़ में शामिल कुछ लोगों ने पूरे एससी समाज को निशाना बनाना शुरू कर दिया। एडवोकेट सोनिया तंवर ने बताया कि अभद्र भाषा का प्रयोग कर माहौल को भड़काने की कोशिश की गई है, जिसके सबूत प्रशासन को सौंपे जा रहे हैं।

आंदोलन तेज होने की प्रशासन को मिली चेतावनी  
प्रदर्शनकारियों ने साफ कहा है कि यह समाज के सम्मान की लड़ाई है। यदि जल्द ही दोषियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे नहीं भेजा गया, तो पूरे जिले में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल, जिला सचिवालय के बाहर भारी पुलिस बल तैनात है और समाज के लोग अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

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