हरियाणा के पानीपत से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। बुधवार की शाम भारत नगर इलाके में गैस सिलेंडर में हुए जोरदार धमाके ने एक घर को बुरी तरह जला दिया। इस हादसे में कमरे के भीतर मौजूद 60 वर्षीय बुजुर्ग को संभलने तक का मौका नहीं मिला और वह जिंदा जल गए। आग इतनी भीषण थी कि बुजुर्ग का शरीर पूरी तरह जलकर कंकाल में तब्दील हो गया।
चाय बनाने के लिए जलाया था चूल्हा
मृतक की पहचान रामनगर निवासी सोमपाल (60) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार सोमपाल भारत नगर में एक 8x10 के छोटे से किराए के कमरे में अकेले जीवन यापन कर रहे थे। पुलिस तफ्तीश में यह बात सामने आई है कि सोमपाल घटना से महज 10 मिनट पहले ही गैस एजेंसी के गोदाम से नया सिलेंडर लेकर अपने कमरे पर पहुंचे थे। शाम के वक्त जैसे ही उन्होंने चाय बनाने के उद्देश्य से माचिस जलाई और गैस चूल्हा ऑन किया, वैसे ही सिलेंडर ने आग पकड़ ली और देखते ही देखते एक जबरदस्त विस्फोट हुआ।
धमाके से दहला इलाका, मची चीख-पुकार
सिलेंडर फटने की आवाज इतनी जोरदार थी कि पूरा मोहल्ला दहल उठा। धमाके के तुरंत बाद सोमपाल के कमरे से आग की ऊंची लपटें निकलने लगीं। स्थानीय निवासियों ने आनन-फानन में डायल 112 को सूचित किया और खुद भी बाल्टियों से पानी और मिट्टी डालकर आग बुझाने की कोशिशों में जुट गए। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां और पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।
सब कुछ जलकर हुआ राख
चूंकि कमरा काफी छोटा था, इसलिए आग ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया। कमरे के भीतर रखा फ्रिज, बिस्तर, चारपाई, कपड़े और रोजमर्रा के बर्तन पूरी तरह जलकर खाक हो गए। सोमपाल कमरे के भीतर ही फंसे रह गए और आग की लपटों ने उन्हें चारों तरफ से घेर लिया। जब तक बचाव दल अंदर दाखिल हुआ, सोमपाल का शरीर बुरी तरह जल चुका था और केवल अस्थिपंजर ही शेष बचा था।
नया सिलेंडर बना काल, पुलिस जांच में जुटी
परिजनों और पड़ोसियों ने बताया कि सिलेंडर एक दिन पहले ही लाया गया था और उसे उपयोग के लिए बुधवार शाम को ही लगाया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या सिलेंडर में लीकेज था या रेगुलेटर में कोई तकनीकी खराबी थी।
पुलिस के अनुसार हादसा गैस रिसाव के कारण ब्लास्ट होने से हुआ। सिलेंडर नया था, जिसकी गुणवत्ता की जांच की जा सकती है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है।










