पानीपत जिले की गीता यूनिवर्सिटी में रविवार की रात एक भयानक भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुआ। जिसमें 3 रसोई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गये।

हरियाणा के पानीपत में एक ऐसा हादसा देखने को मिला जिससे सुनने वाला और देखने वाला हर कोई दंग रह गया। वो हादसा है पानीपत जिले की गीता यूनिवर्सिटी का, जहां रविवार की रात एक भयानक त्रासदी हुई विश्वविद्यालय के कैफे नंबर 14 में एक भीषण गैस सिलेंडर ब्लास्ट हुआ जिसने न केवल कैंपस की शांति भंग की  बल्कि कैपंस की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 

इससे पूरा यूनिवर्सिटी प्रशासन सदमें में आ गया है। यह हादसा इतना भयानक था कि इसे कैफे के तीन कर्मचारी गंभीर रूप से झुलस गए और बाकि दर्जनों छात्र-छात्राओं ने मौके से भागकर अपनी जान बचा कर भागे। गनीमत यह रही की किसी भी मृत्यु की खबर नहीं है, लेकिन यह हादसा कैसे हुआ इसका अभी पता नहीं चल सका।
जानकारी के मुकाबिक यह धमाका इतना भयानक था कि कैफे की छत और भारी साजो-सामान के टुकड़े तक हवा में सैकड़ों फीट ऊपर उछल गए जो बेहद ही खोफनाक था।
  
 रविवार को करीब 9:30 बजे हुआ ब्लास्ट                                   

दरअसल यह हादसे रविवार रात करीब 9:30 बजे की बताई जा रही है। उस समय कैंपस में सामान्य मोहौल था किसी को कोई अंदाजा नहीं की ऐसा हादसा भी हो सकता है। उस समय कैंपस के कैफे नंबर 14 में कर्मचारी रात को खाना तैयार कर रहे थे और हॉस्टल के कई छात्र वहां डिनर करने आये तभी वहां एक रसोई में काम करते समय गैस का एक बर्नर या पाइप खुला रह गया,जिस गैस का रिसाव होने लगा और यह हादसा हुआ, एक लापरवाही आपके लिए कितनी खतरनाक साबित हो सकती है इसका अंदाज़ा इस बात से लगाया जा सकता है। इस दौरान कैफे के भीतर देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगी,जिसके बाद कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन लाख कोशिशों के बाद भी आग काबू नहीं पाया जा सका और आग ने विकराल रूप धारण कर लिया तभी वहां अफरा-तफरी माहौल हो गया और अचानक एक गैस सिलेंडर भीषण धमाके के साथ फट गया जिससे 35 एकड़ पूरा कैंपस हिल गया।
 
ब्लास्ट की बनी वीडियो से कैंपस में फैली दहशत 

जिस समय यह हादसा हुआ तो तभी एक चौंकाने वाला पहलू सामने आया कैफे के ठीक सामने स्थित गर्ल्स हॉस्टल था जिस कारण वहां की छात्राओं ने इस हादसे का वीडियो बनाया। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि आग की लपटें आसमान छूती दिखाई दे रही हैं। इसके साथ ही इस वीडियो में यह भी देखा गया है कि छात्राएं बेहद डरी हुई हैं।यही नहीं नहीं वीडियों में छात्राएं आपस में चिंता जाहिर करती हुई दिख रही है। वीडियो जारी करने के दौरान एक छात्रा को यह कहते सुना गया है कि 'इतनी बड़ी आग को इस छोटे से सिलेंडर से कैसे बुझाया जाएगा, हमें यहां क्यों फंसा दिया है।' उनकी बातचीत हो ही रही थी तभी एक जोरदार धमाका हुआ और पूरी स्क्रीन पर आग का गोला छा गया,जिसके बाद छात्राओं में चीख-पुकार मचने लगी है और सब दहशत में आ गये। जानकारी के मुताबिक छात्रों ने बताया कि यदि वे कुछ सेकंड ओर अंदर रुकते शायद बड़ा जानमाल का नुकसान हो सकता था। इस धमाके के तुंरत बाद कैंपस के अन्य कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी मौके पर आ पहुंचे इसके साथ ही तुरंत उन्होंने यूनिवर्सिटी में लगे फायर सेफ्टी इक्विपमेंट का उपयोग कर आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन ब्लास्ट होने के कारण आग बेकाबू हो चुकी थी और उस पर निंयत्रण पाना आसान नहीं था। 

इस हादसे के तुरंत बाद ही पुलिस सहायता और दमकल विभाग को सूचना दी गई। जिसके फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और आग पर काबू पाने में उन्हें तकरीबन 45 मिनट की भारी मशक्कत करनी पड़ी। लेकिन तब तक कैफे का सारा कीमती सामान, फर्नीचर और ढांचा जलकर राख हो गया था।

मामले की तफ्तीश में जुटी पुलिस 

इस मामले की इसराना थाना प्रभारी महिपाल ने गंभीरता से जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन की ओर से आग लगने का कारण 'शॉर्ट सर्किट' बताया गया लेकिन तभी उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि हमें घटनास्थल का जो वीडियो प्राप्त हुआ आग लगने का साक्ष्य सामने आए हैं, जिस वजह से प्रबंधन के दावे शक के घेरे में आते नज़र आ रहें हैं।
 इस मामले पर महिपाल ने जानकारी देते हुए कहा कि "वीडियो देखने के बाद यह स्पष्ट रूप से सिलेंडर ब्लास्ट का मामला प्रतीत हो रहा है। इतना भीषण धमाका और छत का उड़ना शॉर्ट सर्किट से संभव नहीं लगता।" इसके साथ ही बता दें कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन से पूछताछ करेगी और यह भी सुनिश्चित करेगी कि क्या वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। यह हादसा भला क्यों और किस लापरवाही से हुआ।

इस हादसे में गंभीर रूप से झुलसे कर्मचारियों की स्थिति की बात करें तो जब ये हादसा हुआ तब तीन कर्मचारी आग की चपेट में आ गये और बुरी से तरह झुलस गए। जिसके तुरंत बाद उन्हें इलाज के लिए एम्बुलेंस के माध्यम से नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। बता दें कि उनकी पहचान और स्वास्थ्य की स्थिति को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अभी तक कोई आधिकारिक बुलेटिन जारी नहीं किया, जिस वजह से छात्रों और उनके परिजनों में चिंता बनी हुई है।

यूनिवर्सिटी कैंपस में हुई घटना बनी चेतावनी

इस घटना के होने के पश्चात यूनिवर्सिटी कैंपस में दहशत का माहौल बना हुआ है। बता दें कि इस पुलिस और दमकल विभाग की टीमें घटनास्थल का मुआयना कर रही हैं। इसके साथ ही बता दें कि यह घटना एक चेतावनी है कि व्यावसायिक रसोई और संस्थानों में गैस सुरक्षा के नियमों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाना सकता और न कोई लापरवाही देखी जा सकती है।

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