मासूम शर्मा ने अनिरुद्धाचार्य के दरबार में पहुंचकर मांस खाने पर सवाल किये, इसके साथ ही पाप-पुण्य और विदेशों की परंपरा पर भी चर्चा की। शर्मा के सवालों का गुरू जी ने बेहद की स्पष्ट उत्तर दिया। उन्होंने कहा कि संस्कारों की असली जड़ें केवल भारत में ही हैं।

अनिरुद्धाचार्य के दरबार में मासूम शर्मा:  हरियाणवी म्यूजिक इंडस्ट्री के मशहूर गायक मासूम शर्मा हाल ही में आध्यात्मिक गुरु संत अनिरुद्धाचार्य महाराज के दरबार में पहुंचे। इस दौरान मासूम शर्मा ने महाराज से खान-पान, संस्कारों और विशेषकर मांसाहार को लेकर कुछ ऐसे सवाल पूछे, जो आज की युवा पीढ़ी के मन में अक्सर उठते हैं।

विदेशों की परंपरा पर की चर्चा
संवाद की शुरुआत बड़े ही सहज भाव से हुई। मासूम शर्मा ने गुरुजी को प्रणाम किया और फिर अपनी जिज्ञासा सामने रखी। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को सिखाया है कि मांस खाना गलत है और यह पाप है। लेकिन, उन्होंने यूरोप और अन्य देशों की यात्रा के दौरान देखा कि वहां माता-पिता बच्चों को खुद मांस खिलाते हैं। मासूम शर्मा का सवाल था कि  "क्या उन बच्चों को भी पाप लगेगा जिन्हें बचपन से यही सिखाया गया है कि मांस खाना सही है? क्या इसमें उनकी कोई गलती है?"

महाराज ने दिया जवाब 'संस्कार केवल भारत में हैं' 
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने इस सवाल का विस्तार से जवाब देते हुए कहा कि विदेशों में भारतीय संस्कृति और संस्कारों का अभाव है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संस्कारों की असली जड़ें केवल भारत में ही हैं। महाराज ने उदाहरण देते हुए पूछा कि शेर और कुत्ता मांस क्यों खाते हैं? जब मासूम शर्मा ने कहा कि यह उनकी प्रवृत्ति है, तो महाराज ने समझाया कि इंसान को अपनी प्रवृत्ति संस्कारों से बदलनी चाहिए। महाराज ने तर्क दिया कि 100 साल पहले अमेरिका और लंदन जैसे देशों में शाकाहारी भोजन के विकल्प बहुत कम थे, इसलिए वहां मांस खाने की परंपरा बन गई। लेकिन भारत के पास 'छप्पन भोग' के असंख्य शाकाहारी विकल्प मौजूद हैं।

महापुरुषों के रास्ते पर चलने की दी सलाह
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि हमें दूसरों की नकल करने के बजाय अपने महापुरुषों के रास्ते पर चलना चाहिए। उन्होंने कहा, "भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ने कभी मांसाहार नहीं किया, तो हम क्यों करें?" महाराज ने पश्चिमी देशों के 'लिव-इन' कल्चर और विवाह परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि अमेरिका का रंग भारत पर नहीं चढ़ सकता। भारत की अपनी अलग पहचान, मर्यादा और परंपराएं हैं।

आश्रम की बुजुर्ग माताओं से लिया आशीर्वाद
इस मुलाकात के दौरान मासूम शर्मा ने अनिरुद्धाचार्य महाराज के आश्रम में रह रही बुजुर्ग महिलाओं से भी मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। वीडियो में महाराज खुद उन बुजुर्ग महिलाओं को बताते नजर आए कि यह मशहूर सिंगर मासूम शर्मा हैं।

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