हरियाणा से विदेश जाने की चाह रखने वाले युवाओं और उनके परिवारों के होश उड़ा दिए हैं। कुरुक्षेत्र से रोजगार की तलाश में स्पेन जाने का सपना देख रहे तीन युवक मानव तस्करों के जाल में फंसकर उज्बेकिस्तान में बंधक बन गए। वहां उन्हें न केवल शारीरिक यातनाएं दी गईं, बल्कि उनकी जान के बदले परिजनों से मोटी रकम भी वसूली गई।
पासपोर्ट के साथ एडवांस रकम दी थी
कुरुक्षेत्र के निवासी सुनील कुमार, कुलदीप सिंह और सोमप्रकाश ने अपने बेटों मोहन लाल, बहादुर सिंह और मनदीप को बेहतर भविष्य के लिए यूरोप भेजने का फैसला किया था। उनकी मुलाकात एजेंट प्रेम सैनी, उसकी पत्नी अनीता रानी और उनके सहयोगियों अकरम खान व अली से हुई।
एजेंटों ने तीनों को सुरक्षित तरीके से स्पेन पहुंचाने का वादा किया। इस सौदे में प्रति युवक 15 लाख रुपये की राशि तय हुई थी, जिसमें से 2 लाख रुपये अग्रिम (एडवांस) और शेष राशि स्पेन पहुंचने के बाद देनी थी। जनवरी 2026 में परिजनों ने पासपोर्ट के साथ एडवांस रकम आरोपियों को सौंप दी।
रूट बदला और उज्बेकिस्तान में फंसाया
धोखाधड़ी की शुरुआत तब हुई जब एजेंट ने सीधे स्पेन भेजने के बजाय रूट बदलने का बहाना बनाया। उसने परिजनों को आश्वस्त किया कि वर्तमान परिस्थितियों में सीधे स्पेन जाना संभव नहीं है, इसलिए युवकों को पहले उज्बेकिस्तान और अजरबैजान के रास्ते स्पेन भेजा जाएगा, 9 फरवरी को आरोपियों ने उज्बेकिस्तान का वीजा थमाया और 16 फरवरी को उनकी फ्लाइट दिल्ली से रवाना की गई। रवानगी से पहले दिल्ली के एक होटल में अकरम और अली ने युवकों के दस्तावेजों की जांच की और भरोसा दिलाया कि ताशकंद (उज्बेकिस्तान) में उनके प्रतिनिधि उन्हें रिसीव करेंगे।
अचानक परिवारों के पास खौफनाक वीडियो कॉल आने लगे
जैसे ही तीनों युवक उज्बेकिस्तान पहुंचे, वहां अकबर खान और दानिश खान नाम के दो व्यक्ति उन्हें अपने साथ ले गए। दो दिनों तक सब कुछ ठीक लगा, लेकिन 18 फरवरी को अचानक परिवारों के पास खौफनाक वीडियो कॉल आने लगे। व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर परिजनों ने देखा कि उनके बेटों के हाथ-पैर बंधे हुए हैं और उन्हें बुरी तरह पीटा जा रहा है। इसी दौरान 'बाबा खान' नामक एक अपराधी ने फोन कर दावा किया कि उसने इन तीनों युवकों को एजेंट प्रेम सैनी और उसके साथियों से 'खरीद' लिया है। किडनैपर्स ने साफ शब्दों में धमकी दी कि यदि 45 लाख रुपये नहीं मिले, तो युवकों की हत्या कर दी जाएगी।
45 लाख की फिरौती देनी पड़ी
अपने बच्चों की जान खतरे में देख डरे हुए परिजनों ने जब मुख्य एजेंट प्रेम सैनी से संपर्क किया, तो उसने चालाकी दिखाते हुए उन्हें पैसे दे देने की सलाह दी। मजबूरन, 20 फरवरी को परिवारों ने आरोपियों द्वारा बताए गए तरीके से 45 लाख रुपये की भारी-भरकम राशि का भुगतान किया।
रुपये मिलने के अगले ही दिन यानी 21 फरवरी को किडनैपर्स ने युवकों को रिहा किया। परिजनों ने तुरंत उनकी वापसी की टिकट करवाई और तीनों युवक सुरक्षित भारत लौट आए। घर वापसी के बाद जब पीड़ित परिवारों ने एजेंट से अपनी रकम वापस मांगी, तो उसने न केवल इनकार कर दिया बल्कि धमकियां भी दीं।
एजेंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पीड़ितों ने कुरुक्षेत्र के कृष्णा गेट थाने में न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एजेंट प्रेम सैनी, उसकी पत्नी अनीता और अन्य सहयोगियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय गिरोह के नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
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