हरियाणा के करनाल जिले के गोंदर गांव में हुई युवक की सनसनीखेज हत्या के बाद रविवार को माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। न्याय की गुहार लगाते हुए परिजनों और ग्रामीणों ने निसिंग में करनाल-कैथल मार्ग पर गुरुद्वारे के सामने धरना देकर रास्ता पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया। आक्रोशित परिजनों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनके बेटे के हत्यारों को सलाखों के पीछे नहीं भेजा जाता, वे शव का पोस्टमार्टम नहीं होने देंगे।
सड़क पर उतरे ग्रामीण, पुलिस के छूटे पसीने
शनिवार देर रात हुई इस वारदात के बाद रविवार सुबह से ही निसिंग क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात है। मृतक सूरज के पिता कर्मबीर ने शासन-प्रशासन के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, जबकि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं। ग्रामीणों ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर जाम लगा दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया।
मौके पर मौजूद निसिंग थाना पुलिस और डीएसपी गोरखपाल राणा लगातार परिजनों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि जांच प्रक्रिया के लिए पोस्टमार्टम जरूरी है, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। परिजनों ने गांव के ही एससी (SC) समाज से ताल्लुक रखने वाले पांच व्यक्तियों पर हत्या की साजिश रचने और वारदात को अंजाम देने का आरोप लगाया है।
बाइक सवार हमलावरों ने बरसाईं गोलियां
घटनाक्रम के अनुसार 18 अप्रैल की रात करीब 25 वर्षीय सूरज गोंदर गांव में पूर्व सरपंच वाली गली के पास मौजूद था। इसी दौरान एक मोटर साइकिल पर सवार होकर तीन हथियारबंद बदमाश वहां पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने सूरज को निशाना बनाते हुए उसके माथे और छाती पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।
गोलियों की गूंज सुनकर जब तक ग्रामीण मदद के लिए दौड़ते, सूरज लहूलुहान होकर जमीन पर गिर चुका था। उसे आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजन न्याय की मांग करते हुए शव को घर ले आए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
पुरानी रंजिश और जेल से वापसी का कनेक्शन
पुलिस की प्रारंभिक जांच में इस हत्या के तार साल 2019 के एक पुराने मामले से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार 2019 में गांव के ही कपिल नामक युवक की हत्या हुई थी, जिसमें सूरज को भी आरोपी बनाया गया था। सूरज लंबे समय तक जेल में रहा और लगभग एक साल पहले ही जमानत पर बाहर आया था।
पुलिस का मानना है कि यह हत्या 'रंजिश का बदला' लेने के उद्देश्य से की गई हो सकती है। चश्मदीदों ने बताया कि बाइक पर आए तीन बदमाशों में से एक ने अपना चेहरा ढका हुआ था, जबकि दो अन्य बिना नकाब के थे।
सीसीटीवी और एफएसएल टीम जुटी जांच में
वारदात की गंभीरता को देखते हुए करनाल के एसपी नरेंद्र बिजारणिया खुद शनिवार रात को भारी पुलिस फोर्स के साथ गांव गोंदर पहुंचे थे। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रविवार को एसपी ने पुनः मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस हर पहलू से मामले की पड़ताल कर रही है। गांव के प्रवेश और निकास द्वारों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। साथ ही, एफएसएल (FSL) टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। एसपी का दावा है कि जल्द ही पुलिस टीम हत्यारोपियों तक पहुंच जाएगी और उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।









