मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास और जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। बैठक में वरिष्ठ मंत्री अनिल विज पैरों में फ्रैक्चर के बावजूद वॉकर के सहारे पहुंचे।

हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने प्रदेश के दो सबसे बड़े वर्गों, श्रमिकों और युवाओं को साधने के लिए बड़े फैसलों पर मुहर लगा दी है। बुधवार को कैबिनेट की बैठक में राज्य के विकास और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में कुल 7 एजेंडों में से 6 को मंजूरी दे दी है। 
बैठक की सबसे खास बात यह रही कि सरकार ने न केवल न्यूनतम मजदूरी में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की, बल्कि सेना से सेवानिवृत्त होने वाले अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए उनके आरक्षण को भी बढ़ाकर दोगुना कर दिया है। 

मजदूरों की बल्ले-बल्ले 
प्रदेश के औद्योगिक और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के लिए यह खबर बड़ी राहत लेकर आई है। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने जानकारी दी कि विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर अकुशल श्रमिकों के न्यूनतम वेतन को 35 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है। 
पहले जहां एक अकुशल मजदूर को ₹11,275 प्रति माह मिलते थे, अब उसे ₹15,220 का भुगतान किया जाएगा। इसी प्रकार अर्ध-कुशल कर्मियों का वेतन ₹16,780, कुशल श्रमिकों का ₹18,500 और जो श्रमिक अपने कार्य में उच्च स्तर की दक्षता रखते हैं, उनका मानदेय बढ़ाकर ₹19,425 कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से बढ़ती महंगाई के बीच कामगारों के जीवन स्तर में सुधार होगा। 

अग्निवीरों का 10% से बढ़ाकर 20% हुआ कोटा 
हरियाणा सरकार ने देश सेवा कर लौटने वाले अग्निवीरों के लिए राज्य की 'अग्निवीर नीति 2024' में बड़ा संशोधन किया है। अब हरियाणा पुलिस, जेल वार्डर, वन रक्षक और खनन गार्ड जैसे पदों पर अग्निवीरों के लिए क्षैतिज (Horizontal) आरक्षण को 10 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधा 20 प्रतिशत कर दिया गया है। 
सरकार का तर्क है कि अग्निवीर अनुशासित और प्रशिक्षित होते हैं, जिनका अनुभव सुरक्षा से जुड़ी नौकरियों में राज्य के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा। इस फैसले से उन युवाओं को बड़ी मजबूती मिलेगी जो अग्निपथ योजना के तहत सेना में शामिल हो रहे हैं। 

वॉकर के सहारे पहुंचे मंत्री अनिल विज 
इस कैबिनेट बैठक की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है। प्रदेश के कद्दावर मंत्री अनिल विज पिछले कुछ समय से पैरों में फ्रैक्चर के कारण बिस्तर पर थे, वॉकर की सहायता से बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे। डॉक्टरों ने उन्हें अभी भी पूरी तरह आराम करने की सलाह दी है, लेकिन महत्वपूर्ण फैसलों की गंभीरता को देखते हुए विज ने अपनी शारीरिक कठिनाइयों को दरकिनार कर बैठक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। 

महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अहम रियायतें 
कैबिनेट ने समाज के अन्य वर्गों का भी पूरा ध्यान रखा है। वृद्धजनों के लिए 'रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी' में संशोधन किया गया है, जिसके तहत हाउसिंग कॉलोनियों में निर्माण की सीमा (FAR) को 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है।
महिलाओं के लिए राशन डिपो के आवंटन में 33 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। इसमें सरकार ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए तेजाब हमला पीड़ितों, विधवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों को विशेष प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। साथ ही, अब नए राशन डिपो तभी खोले जाएंगे जब उस क्षेत्र में कम से कम 500 राशन कार्ड धारक होंगे। 

ग्रामीण बुनियादी ढांचे और रास्तों के लिए नए नियम 
बैठक में 'हरियाणा विलेज कॉमन लैंड्स रूल्स' में बदलाव कर एक नया नियम '5ए' जोड़ा गया है। यह उन परियोजनाओं के लिए वरदान साबित होगा जो रास्ते की कमी के कारण अटकी हुई थीं। अब यदि किसी प्रोजेक्ट के लिए पर्याप्त पैसेज (रास्ता) नहीं है, तो पंचायत और सरकार के बीच भूमि हस्तांतरण की शर्तों के आधार पर नया रास्ता सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में औद्योगिक विकास की राह आसान होगी। 

सर्वजन हिताय का संदेश 
कुल मिलाकर हरियाणा कैबिनेट की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि सरकार का ध्यान समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाने पर है, जहां श्रमिकों को आर्थिक मजबूती दी गई है, वहीं युवाओं को रोजगार की गारंटी और महिलाओं को सम्मान देकर सरकार ने आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए अपनी बिसात बिछा दी है। प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि इन फैसलों को तत्काल प्रभाव से लागू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

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