बाढड़ा के राजकीय कन्या स्कूल में छात्राएं शिक्षकों की मौजूदगी में बेखौफ होकर सामूहिक नकल करती दिख रही हैं। CCTV फुटेज में साफ दिख रहा है कि परीक्षार्थी न केवल झुंड बनाकर उत्तर लिख रहे हैं, बल्कि कॉपियां तक बदल रहे हैं।

हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की वार्षिक परीक्षाओं की शुचिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। चरखी दादरी जिले के बाढड़ा स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से सामूहिक नकल का एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में परीक्षा की मर्यादा को ताक पर रखकर छात्र-छात्राएं बेखौफ होकर नकल करते दिखाई दे रहे हैं। सबसे विचलित करने वाली बात यह है कि यह सब कुछ ड्यूटी पर तैनात शिक्षकों की नाक के नीचे हो रहा था। 

CCTV में झुंड बनाकर लिखी जा रही थीं कॉपियां
पिछले दो दिनों की परीक्षाओं की सीसीटीवी (CCTV) फुटेज की बारीकी से जांच की गई। वीडियो रिकॉर्डिंग में साफ देखा जा सकता है कि छात्र कक्षा में समूहों में बैठकर एक-दूसरे की मदद से उत्तर लिख रहे हैं। अनुशासन का आलम यह था कि परीक्षार्थी एक-दूसरे की उत्तर पुस्तिकाएं (Answer Sheets) तक बदल रहे थे, ताकि नकल की प्रक्रिया को पूरा किया जा सके।
हैरानी की बात यह है कि जिस समय यह सब चल रहा था, कमरे में मौजूद निरीक्षक (Invigilator) मूकदर्शक बने आसपास घूम रहे थे। हद तो तब हो गई जब एक छात्रा सरेआम प्रश्न पत्र और अपनी उत्तर पुस्तिका लेकर परीक्षा कक्ष से बाहर निकलती दिखाई दी, जिसे रोकने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। 

बोर्ड चेयरमैन की कड़ी प्रतिक्रिया 
इस घटनाक्रम के वीडियो सामने आने के बाद हरियाणा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार शर्मा ने सख्त रुख अख्तियार किया है। उन्होंने इस मामले को बेहद चिंताजनक बताते हुए कहा कि वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है कि अध्यापक स्वयं छात्रों को अनुचित साधनों के प्रयोग में मदद कर रहे हैं या उन्हें मौन स्वीकृति दे रहे हैं। 
बोर्ड अध्यक्ष के अनुसार, इस पूरे मामले की गहन पड़ताल के लिए वीडियो फुटेज को भिवानी स्थित 'नियंत्रण कक्ष' (Control Room) भेज दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी शिक्षकों और परीक्षा केंद्र के स्टाफ पर कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। 

परीक्षाएं रद्द और ड्यूटी से हटाए गए अधिकारी 
नकल के बढ़ते मामलों को देखते हुए बोर्ड ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। 25 फरवरी से शुरू हुई इन परीक्षाओं में अब तक अनुचित साधनों के प्रयोग (UMC) के 191 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। 
पलवल जिले के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, अलावलपुर-2 (बी-1) केंद्र पर 9 मार्च को हुई 12वीं कक्षा की 'रसायन विज्ञान' (Chemistry) और 'लेखांकन' (Accountancy) की परीक्षा को अनियमितताओं के चलते रद्द कर दिया गया है। इसके अलावा, दर्जनों पर्यवेक्षकों और केंद्र अधीक्षकों को लापरवाही बरतने के आरोप में ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है। 

लाखों छात्र होंगे शामिल 
आज 12 मार्च को प्रदेशभर में 10वीं, 12वीं और डीएलएड (D.El.Ed) की महत्वपूर्ण परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। 
• कुल परीक्षा केंद्र: 1529
• कुल परीक्षार्थी: 2,89,690
• विषय: 10वीं का विज्ञान (Science), 12वीं के कृषि व दर्शनशास्त्र और डीएलएड रि-अपीयर की परीक्षा।
बोर्ड ने उड़नदस्तों (Flying Squads) को विशेष निर्देश दिए हैं कि वे संवेदनशील केंद्रों पर पैनी नजर रखें। 

नकल के मामलों का सिलसिलेवार ब्यौरा 
पिछले 9 दिनों में बोर्ड की सख्ती और पकड़े गए मामलों का विवरण इस प्रकार है। 
1-. 25-27 फरवरी: अंग्रेजी और गणित की परीक्षाओं में कुल 63 मामले दर्ज हुए। चरखी दादरी के रानीला केंद्र पर पेपर लीक होने की घटना सामने आई, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई। 6 पर्यवेक्षकों को हटाया गया।
2-. 28 फरवरी - 2 मार्च: हिंदी, भौतिक विज्ञान और अर्थशास्त्र की परीक्षाओं में 42 केस सामने आए। ड्यूटी में कोताही पर केंद्र अधीक्षक और लिपिकों तक पर कार्रवाई हुई। 
3-. 3-5 मार्च: शारीरिक शिक्षा और अंग्रेजी विषय में 36 मामले पकड़े गए। इसमें 'प्रतिरूपण' (दूसरे की जगह परीक्षा देना) का एक मामला भी शामिल था।
4-.6-9 मार्च: रसायन विज्ञान और लोक प्रशासन सहित अन्य विषयों में 48 मामले दर्ज किए गए। लापरवाही के कारण 8 पर्यवेक्षकों को रिलीव किया गया।
5-. 11 मार्च: कंप्यूटर विज्ञान की परीक्षा के दौरान चरखी दादरी के बाढड़ा-03 केंद्र पर छापेमारी हुई, जहां मोबाइल फोन बरामद किए गए। यहां से एक पर्यवेक्षक, लिपिक और सेवादार को तुरंत प्रभाव से कार्यभार मुक्त कर दिया गया।  

परीक्षाओं का सुरक्षा घेरा और कड़ा होगा 
हरियाणा बोर्ड की इन परीक्षाओं में जिस तरह से तकनीक (CCTV) के माध्यम से नकल पकड़ी जा रही है, वह तकनीक की सफलता तो है, लेकिन साथ ही हमारे शिक्षा तंत्र की नैतिक गिरावट को भी दर्शाती है। बोर्ड चेयरमैन डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया है कि भविष्य की परीक्षाओं में सुरक्षा के घेरे को और कड़ा किया जाएगा ताकि मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो। 

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