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वार्ड 31 स्थित मियां वाली कॉलोनी, लाजपत नगर और जवाहर नगर में आवारा कुत्तों को पकड़ने पहुंची नगर निगम की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कुत्तों के आतंक से परेशान लोगों की शिकायत पर कार्रवाई करने पहुंची टीम के साथ डॉग लवर्स ने बदसलूकी की।

हरियाणा के गुरुग्राम में बेसहारा कुत्तों को पकड़ने की मुहिम ने हिंसक रूप ले लिया। शहर के अलग-अलग मोहल्लों में आवारा कुत्तों को लेकर लोग दो गुटों में बंट गए, जिसके बाद सड़क पर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि महिलाओं के बीच जमकर मारपीट हुई और नगर निगम के कर्मचारियों के साथ भी बदसलूकी की गई। 

डॉग लवर्स और निगम टीम के बीच तीखी नोकझोंक 
गुरुग्राम नगर निगम (MCG) की टीम वार्ड नंबर 31 के अंतर्गत आने वाली मियां वाली कॉलोनी, लाजपत नगर और जवाहर नगर में आवारा कुत्तों को पकड़ने के लिए पहुंची थी। स्थानीय निवासियों ने कुत्तों के बढ़ते आतंक और हमलों की शिकायत की थी। जैसे ही निगम की गाड़ी पहुंची, वहां मौजूद डॉग लवर्स ने कार्रवाई का कड़ा विरोध शुरू कर दिया। आरोप है कि पशु प्रेमियों ने निगम कर्मचारियों के साथ अभद्रता की, उनके मोबाइल फोन छीन लिए और सरकारी वाहन की चाबी निकालने की भी कोशिश की। 

सड़क पर महिलाओं के बीच गुत्थमगुत्था 
सबसे ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति मियां वाली कॉलोनी में देखी गई। यहां कुत्तों को पकड़ने के समर्थन और विरोध को लेकर दो पड़ोसी परिवार आपस में भिड़ गए। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों की महिलाएं सड़क पर ही एक-दूसरे से उलझ गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महिलाओं ने एक-दूसरे के बाल नोचे और जमकर लात-घूंसे चलाए। इस दौरान मौके पर मौजूद भाजपा नेता अनु यादव और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने हाथ जोड़कर महिलाओं को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन काफी देर तक हंगामा चलता रहा। 

कुत्तों के खौफ और सुरक्षा पर उठे सवाल
इलाके के आम नागरिकों का कहना है कि आवारा कुत्तों के कारण गलियों में निकलना दूभर हो गया है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर लोग बेहद डरे हुए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, आए दिन कुत्ते राहगीरों पर हमला कर रहे हैं, जिससे सामान्य जीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। लोगों की मांग है कि नगर निगम इन कुत्तों को रिहायशी इलाकों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर भेजे। 

पशु प्रेमियों ने दिया अपना तर्क
दूसरी ओर, डॉग लवर्स का कहना है कि बेजुबान जानवरों के साथ क्रूरता करना गलत है। उन्होंने नसबंदी और कुत्तों को पकड़ने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उनकी सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने की मांग की। उनका तर्क है कि कुत्तों को पकड़कर कहीं और छोड़ देना समस्या का समाधान नहीं है। 

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन हो रहा 
इस पूरे घटनाक्रम पर नगर निगम के प्रवक्ता सत्यवीर रोहिल्ला ने अपना पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि निगम की टीमें पूरी तरह से सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन कर रही हैं। आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर अंकुश लगाने के लिए नसबंदी और नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे सरकारी काम में बाधा न डालें और शांति व्यवस्था बनाए रखने में निगम का सहयोग करें। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं ताकि दोबारा ऐसी हिंसक स्थिति पैदा न हो। 

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