गुरुग्राम में स्वास्थ्य सेवा से जुड़े युवक को हनीट्रैप में फंसाकर लूट लिया गया। सेक्टर-83 स्थित एक निजी लैब में कार्यरत युवक के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसका अश्लील वीडियो बनाकर भारी रकम की वसूली भी की गई। पुलिस ने कार्रवाई कर एक महिला और उसके दो पुरुष साथियों को गिरफ्तार कर लिया है।
ब्लड सैंपल लेने गया था पीड़ित
घटना की शुरुआत 25 फरवरी को हुई, जब पीड़ित युवक गुरुग्राम की AVL 36 सोसाइटी (मोहम्मदपुर) में ज्योति नामक महिला का ब्लड सैंपल लेने पहुंचा था। इस दौरान महिला ने रिपोर्ट भेजने के बहाने युवक का मोबाइल नंबर ले लिया। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ और महिला ने उसे दोबारा मिलने का ऑफर दिया।
मारपीट कर हनीट्रैप में फंसाने की धमकी दी
2 मार्च को जब युवक दोबारा ज्योति के फ्लैट पर पहुंचा, तो वहां पहले से रची गई साजिश को अंजाम दिया गया। युवक के अंदर पहुंचते ही ज्योति ने मुख्य दरवाजा खुला छोड़ दिया। कुछ ही देर में उसके दो साथी कमरे में आए और युवक पर हमला कर दिया। आरोपियों ने जबरन उसके कपड़े उतरवाए और उसका न्यूड वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। इस वीडियो के आधार पर उन्होंने युवक को दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और 5 लाख रुपये की मांग की।
स्कॉर्पियो में अपहरण कर की वसूली
आरोपियों की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। वे युवक को स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर ले गए और डरा-धमकाकर उससे 1.63 लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद भी गिरोह लगातार उसे फोन करके बाकी की रकम के लिए प्रताड़ित कर रहा था और पैसे न देने पर वीडियो को इंटरनेट पर सार्वजनिक करने की धमकी दे रहा था। परेशान होकर पीड़ित ने अपने एक परिचित को पूरी दास्तां सुनाई और सेक्टर-37 थाने में शिकायत दर्ज कराई।
सती चौक से पकड़े गए आरोपी
शिकायत मिलते ही गुरुग्राम पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से सती चौक से दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया। उनसे मिली जानकारी के आधार पर मुख्य आरोपी महिला को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
हरीश यादव उर्फ मोनू: राजस्थान के अलवर जिले के काहनावास गांव का निवासी।
श्याम सुंदर उर्फ अशोक: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के खैरोली गांव का रहने वाला।
ज्योति: गुरुग्राम जिले के ताजनगर गांव की निवासी।
पुलिस के अनुसार तीनों आरोपियों की आयु करीब 24 वर्ष है और इनके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्कॉर्पियो, चार मोबाइल फोन और 1.63 लाख रुपए की नकदी बरामद की गई है।
इंस्टाग्राम पर हुई थी आरोपियों की मुलाकात
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि तीनों आरोपियों की आपस में मुलाकात इंस्टाग्राम के जरिए हुई थी। जल्द अमीर बनने और पैसे कमाने के लालच में इन्होंने मिलकर साजिश का ताना-बाना बुना था। इनका मकसद ऐसे लोगों को निशाना बनाना था जो आसानी से इनके झांसे में आ सकें।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की थी जांच
गुरुग्राम पुलिस के प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि मामला दर्ज होने के साथ ही पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी। पुलिस की तत्परता से आरोपियों को समय रहते दबोचा गया। उन्होंने लोगों को भी सलाह दी है कि सोशल मीडिया या अनजान कॉल्स के जरिए होने वाली मुलाकातों में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध स्थिति में तुरंत पुलिस से संपर्क करें।
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