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अपनी मांगों को  शंभू व दातासिंहवाला बार्डर पर बैठे किसान दिल्ली कूच करेंगे या नहीं, इसका फैसला रविवार शाम को होने वाली बैठक में लिया जाएगा। हरियाणा सरकार अब तक किसानों को सीमा पर रोकने में सफल रही है तथा किसानों की रणनीति सामने आने के बाद सरकार के अगले कदम पर भी सभी की निगाह टिकी रहेंगी।

रोहतक। पिछले 20 दिन से हरियाणा के शंभू व दातासिंहवाला (खनौरी) बार्डर पर बैठे पंजाब के किसान दिल्ली कूच करेंगे या हरियाणा बार्डर पर रहेंगे या घर वापसी करेंगे इसका फैसला रविवार शाम को होने वाली किसानों की बैठक के बाद पता चलेगा। हरियाणा सरकार पंजाब के किसानों को अब तक अपनी सीमा में घुसने से रोकने में सफल रही है तथा आज होने वाली किसानों की बैठक के बाद सरकार किसानों के प्रति उठाए जाने वाले सरकार के अगले कदम पर भी सभी की निगाह टिकी रहेगी। अपनी मांगों को लेकर पंजाब के किसान 13 फरवरी को दिल्ली कूच के लिए निकले थे। जिन्हें हरियाणा सरकार ने शंभू व दातासिंहवाला बार्डर पर रोक दिया था। पहले दो दिन बार्डर पर किसान व पुलिस कई बार आमने सामने आए। जिसमें कई किसान व सुरक्षा बलों के जवानों को चोटें आई। चार दौर की बातचीत के बाद किसानों ने 19 फरवरी को पत्रकार वार्ता कर 21 फरवरी को फिर से दिल्ली कूच का ऐलान किया। दो बार दिल्ली कूच का ऐलान कर आगे बढ़ने में असफल रहे किसान एक मार्च को मृतक शुभकरण का अंतिम संस्कार करने के बाद आज दिल्ली कूच को लेकर पहली बार बैठक करेंगे।

दिल्ली कूच पर फिर सील होंगे बार्डर

हरियाणा सरकार स्पष्ट कर चुकी है कि ट्रैक्टर ट्रॉली, हथियारों व राशन के साथ हरियाणा सरकार पंजाब के किसानों को अपनी सीमा में प्रवेश नहीं करने देगी। जिसमें अब तक हरियाणा सरकार सफल भी रही है। ऐसे में यदि किसान फिर से दिल्ली कूच का ऐलान करते हैं तो हरियाणा की सीमाओं को सील करने के साथ प्रदेश के कई जिलों में फिर से इंटरनेट सेवा को बंद कर सकती है। किसान यदि दिल्ली कूच का कार्यक्रम टालते हैं तो बार्डर को फिर से पूरी तरह खोलने पर विचार करने के भी संकेत मिले हैं।

21 को हुई थी अंतिम भिड़ंत

दिल्ली कूच को लेकर 13 फरवरी से शंभू व दातासिंहवाला बार्डर पर बैठे किसानों व पुलिस के बीच अंतिम भिड़ंत 21 फरवरी को दोनों बार्डर पर हुई थी। जिसमें दातासिंहवाला बार्डर पर पंजाब के युवक शुभकरण की मौत के अलावा दर्जनों किसान व पुलिस कर्मी घायल हुए थे। किसान शुभकरण की मौत के मामले में हरियाणा पुलिस पर एफआईआर दर्ज नहीं होने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने पर अड़े हुए थे। रविवार को पंजाब में जीरो एफआईआर दर्ज होने के बाद किसानों ने मृतक के शव का अंतिम संस्कार किया था। पंजाब पुलिस ने शुभकरण की पोस्टमार्टम रिपोर्ट हरियाणा पुलिस को भेज दी है।

पासपोर्ट रद करने की तैयारी

शंभू बार्डर व दातासिंहवाला बार्डर पर किसान आंदोलन की आड़ में हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों की पहचान कर हरियाणा सरकार द्वारा पासपोर्ट रद करने की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर भी विवाद है। हरियाणा सरकार ड्रोन कमरों व अन्य प्लेटफार्म से मिली वीडिया फुटेज व फोटो से उपद्रवियों के चेहरों की पहचान कर पासपोर्ट रद करवाने की प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान कर चुकी है।

डल्लेवाल के वीडिया ने बिगाड़ा खेल

किसान आंदोलन के बीच किसान नेता जगजीत डल्लेवाल के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर कथित वायरल वीडियो ने किसान आंदोलन का खेल बिगाड़ा हुआ है। वीडियो में डल्लेवाल कह रहे हैं कि राम मंदिर के बाद नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता बहुत अधिक बढ़ गई है। जिसे नीचे लाने के लिए हमारे पास वक्त बहुत कम है। लोकसभा चुनावों से ठीक पहले हो रहे आंदोलन के समय पर भी सवाल उठ रहे हैं।

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