जींद जिले के नरवाना में वीरवार शाम खुशियों भरे नवरात्रि के माहौल के बीच एक हृदयविदारक घटना घट गई।

गुरथली रोड स्थित सिरसा ब्रांच नहर में पूजा सामग्री विसर्जित करने गए दो सगे भाई पिता की आंखों के सामने ही नहर के तेज बहाव में बह गए। इस हादसे ने पूरे प्रेम नगर इलाके में मातम पसरा दिया है।

पैर फिसलने से शुरू हुआ मौत का तांडव
मूल रूप से राजस्थान निवासी और वर्तमान में नरवाना की प्रेम नगर कॉलोनी में रह रहे राजेश वीरवार शाम को दुर्गा अष्टमी की पूजा संपन्न होने के बाद अपने दो बेटों, 14 वर्षीय लक्की और 16 वर्षीय महेंद्र के साथ नहर पर पहुंचे थे। वे वहां नवरात्रि की पूजा सामग्री विसर्जित करने आए थे। पूजा सामग्री प्रवाहित करते समय अचानक छोटे बेटे लक्की का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में समाने लगा। अपने भाई को मौत के मुंह में जाते देख बड़ा भाई महेंद्र भी उसे बचाने के लिए नहर में कूद पड़ा। लेकिन पानी का बहाव इतना तेज था कि महेंद्र भी अपने भाई को बचाने के प्रयास में खुद लहरों में खो गया।

बेबस पिता की आंखों के सामने उजड़ गया संसार
यह पूरी घटना बच्चों के पिता राजेश की आंखों के सामने पल भर में घट गई। राजेश को तैरना नहीं आता था, जिससे वह चाहकर भी पानी में नहीं उतर सके। उन्होंने किनारे पर खड़े होकर शोर मचाया और मदद की गुहार लगाई, लेकिन जब तक आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, दोनों बच्चे आंखों से ओझल हो चुके थे।

NDRF और गोताखोरों की टीम बुलाई गई
घटना की सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची। सदर थाना प्रभारी कमल सिंह ने बताया कि बच्चों की तलाश के लिए सर्च अभियान तेज कर दिया गया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए रोहतक के सुनारिया से एनडीआरएफ  की विशेष टीम और पेशेवर गोताखोरों को बुलाया गया है।

अगर आपको यह खबर उपयोगी लगी हो, तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें और हर अपडेट के लिए जुड़े रहिए haribhoomi.com के साथ।