मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार ने महम के विकास पर अब तक 1328 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासन में मात्र 584 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को रोहतक के महम में विशाल विकास रैली को संबोधित करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के लिए 202.77 करोड़ रुपये की लागत वाली विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया। रैली की अध्यक्षता राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने की, जबकि मंच पर कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार, अरविंद शर्मा और रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे। 

महम के ऐतिहासिक चबूतरे की महत्ता का जिक्र किया 
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत महम चौबीसी के ऐतिहासिक चबूतरे का जिक्र करते हुए की। उन्होंने कहा कि इस चबूतरे से निकले फैसलों ने हमेशा समाज को एक नई और सही दिशा दिखाने का काम किया है। सीएम ने विश्वास जताया कि आज की इस रैली से महम के विकास की एक नई इबारत लिखी जाएगी। उन्होंने कहा कि महम की जनता अब सशक्त नेतृत्व के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ना चाहती है और हमारी सरकार इसे प्रगति के नए आयामों पर ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। 

स्कूल से लेकर सिंचाई योजनाओं तक का उद्घाटन 
सीएम ने जिन योजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया, उनमें शिक्षा, सिंचाई और शहरी विकास को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं में सुंदरपुर गांव में स्कूल की नई बिल्डिंग का निर्माण, भिवानी सब-ब्रांच को मजबूती प्रदान करना, सिंचाई प्रणाली को आधुनिक बनाना और स्थानीय टाउन पार्क का जीर्णोद्धार शामिल है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि महम के लिए पूर्व में घोषित 121 योजनाओं में से 105 को सफलतापूर्वक धरातल पर उतार दिया गया है और शेष पर तेजी से काम चल रहा है। 

कांग्रेस पर हमला 
विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए मुख्यमंत्री ने विकास के आंकड़ों की तुलना की। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने महम के कायाकल्प के लिए अब तक 1328 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जबकि कांग्रेस के 10 साल के शासनकाल में मात्र 584 करोड़ रुपये ही आवंटित हुए थे, जो भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गए।
सीएम ने तंज कसते हुए कहा कि पिछली सरकारों में लोग काम लेकर जाते थे तो उन्हें ताना दिया जाता था कि वोट नहीं दिया तो काम क्यों मांग रहे हो। लेकिन हमारी सरकार ने बिना किसी भेदभाव के हर क्षेत्र का समान विकास किया है। अब जब भ्रष्टाचार की दुकानें बंद हो गई हैं, तो कांग्रेस के नेताओं को बेचैनी हो रही है। 

भ्रामक राजनीति और किसानों के मुद्दों पर स्पष्टीकरण
फसल खरीद को लेकर विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे दावों को मुख्यमंत्री ने सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया कि मंडियों में फसल का एक-एक दाना न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा और गेट पास या किसी भी अन्य प्रक्रिया में उन्हें परेशानी नहीं आने दी जाएगी। इसके साथ ही, उन्होंने कहा कि विपक्ष कोरोना जैसी आपदाओं में भी अपनी राजनीति चमकाने के लिए झूठ का सहारा लेता रहा है। सीएम ने बताया कि सरकार अब गैस पाइपलाइन के जरिए हर घर तक रसोई गैस पहुंचाने की दिशा में काम कर रही है ताकि कालाबाजारी पूरी तरह समाप्त हो सके। 

रोहतक के 11,500 युवाओं को मिली नौकरी
युवाओं के भविष्य पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने अब तक 2 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। केवल पिछले एक साल के भीतर ही 36 हजार नियुक्तियां की गई हैं। उन्होंने विशेष रूप से रोहतक जिले का उल्लेख करते हुए बताया कि यहां के लगभग साढ़े 11 हजार युवाओं को सरकारी सेवाओं में रोजगार मिला है। 

महम को मिले नगर परिषद का दर्जा 
रैली के आयोजक और राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने अपने संबोधन में महम को पूर्व की सरकारों द्वारा 'लावारिस' छोड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि तीन बार भाजपा की सरकार बनने के बावजूद महम को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला, लेकिन अब जनता 2029 में अपनी ताकत दिखाएगी। जांगड़ा ने मुख्यमंत्री के समक्ष महम की बेहतरी के लिए कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं। 
• महम को नगर परिषद का दर्जा देना।
• क्षेत्र में एक आईएमटी (IMT) और नया सेक्टर स्थापित करना।
• जर्जर हो चुके अस्पताल और खेल स्टेडियम की मरम्मत करवाना।
• लड़कियों के लिए एक महिला कॉलेज का निर्माण करना।
• स्थानीय तालाबों का सौंदर्यीकरण और पर्यटन स्थल का जीर्णोद्धार। 

सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे
महम के सरकारी कॉलेज परिसर में आयोजित इस रैली के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। पूरे पंडाल को चार अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया था और हर सेक्टर के लिए विशेष प्रभारी नियुक्त किए गए थे। मुख्य मंच के बगल में एक सांस्कृतिक मंच भी तैयार किया गया था, जहां कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधा। रैली में भारी संख्या में महिलाओं और स्थानीय लोगों की भागीदारी ने आगामी राजनीतिक समीकरणों के प्रति उत्साह को स्पष्ट कर दिया। 

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