Illegal allocation of industrial area: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा एक बार फिर कानूनी शिकंजे में घिरते नजर आ रहे हैं। हरियाणा सरकार ने पंचकूला के औद्योगिक क्षेत्र में 14 इंडस्ट्रियल भूखंडों के अवैध आवंटन से जुड़े सीबीआई मामले में हुड्डा के खिलाफ मुकदमा चलाने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह मामला साल 2013 का है, जब हुड्डा मुख्यमंत्री और हुडा के अध्यक्ष थे।
CBI जल्द दाखिल करेगी चार्जशीट
सीबीआई ने फरवरी 2026 में हरियाणा सरकार से इस संबंध में अनुरोध किया था। अब मंजूरी मिलने के बाद सीबीआई हुड्डा, पूर्व सरकारी अधिकारियों और लाभार्थियों के खिलाफ जल्द ही आरोपपत्र दाखिल करेगी। हुड्डा के साथ-साथ तत्कालीन दो अधिकारियों-पूर्व मुख्य वित्त नियंत्रक एससी कंसल और पूर्व उप अधीक्षक बीबी तनेजा के खिलाफ भी अभियोजन को मंजूरी मिल गई है।
भूपेंद्र सिंह हुड्डा को बताया मुख्य साजिशकर्ता
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में पहले ही आरोपपत्र दाखिल कर चुका है, जिसमें भूपेंद्र सिंह हुड्डा को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है। एजेंसी का आरोप है कि हुड्डा ने अपने चहेतों और करीबियों को फायदा पहुँचाने के लिए योग्यता के मानदंडों में अंतिम समय पर बदलाव किए। इसमें पूर्व विधायक के बेटे, हुड्डा के निजी सचिव के बेटे और उनके ओएसडी के रिश्तेदारों के नाम शामिल हैं।
धोखाधड़ी और खजाने को नुकसान के आरोप
जांच एजेंसियों का दावा है कि अनुभव और योग्यता के अंकों को खत्म कर दिया गया और मौखिक परीक्षा के अंक 15 से बढ़ाकर 25 कर दिए गए ताकि चयन में पक्षपात किया जा सके। करीब 30.34 करोड़ रुपये की कीमत वाले भूखंड मात्र 7.85 करोड़ रुपये में बेच दिए गए। कुछ आवेदनों पर हस्ताक्षर और फोटो तक नहीं थे, फिर भी उन्हें प्लॉट आवंटित कर दिए गए। यहाँ तक कि इंटरव्यू में खुद न आने वालों को भी पूरे अंक दिए गए।
पंचकूला के इस हाई-प्रोफाइल मामले ने हरियाणा की राजनीति में हलचल मचा दी है। अब सभी की नजरें सीबीआई की अगली कार्रवाई और कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं।
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