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अंबाला हत्याकांड में बड़ा खुलासा कर पुलिस ने हथियार सप्लाई करने वाले 4 आरोपियों को लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी दुबई भागने की फिराक में थे। दिल्ली के बिल्डर मर्डर केस से भी तार जुड़े हैं इनके। पुलिस ने 3 राज्यों में चलाया ऑपरेशन, गैंग के अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच जारी है।

Ambala murder case : हरियाणा के अंबाला जिले में हुए नारायणगढ़ हत्याकांड ने अब राष्ट्रीय स्तर पर कानून व्यवस्था को सवालों के घेरे में ला खड़ा किया है। इस सनसनीखेज हत्या में शामिल न सिर्फ स्थानीय बदमाशों का नाम सामने आया है, बल्कि अब यह मामला दिल्ली तक फैले गैंग और हथियारों के सप्लाई नेटवर्क से भी जुड़ता नजर आ रहा है। हरियाणा पुलिस ने हथियार सप्लाई करने वाले चार आरोपियों को लखनऊ एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है, जो दुबई भागने की फिराक में थे।

 रज्जोमाजरा गांव में युवक की गोली मारकर हत्या की गई थी

अंबाला पुलिस अधीक्षक अजीत सिंह शेखावत ने प्रेस को जानकारी देते हुए बताया कि नारायणगढ़ के रज्जोमाजरा गांव में जिस युवक की गोली मारकर हत्या की गई थी, उसमें इस्तेमाल किए गए हथियार इन ही चार आरोपियों ने उपलब्ध कराए थे। चारों आरोपी यमुनानगर जिले के रहने वाले हैं और पिछले एक महीने से फरार चल रहे थे।

चारों आरोपियों की पहचान 

शुभम, निवासी गांव मारवा कलां, थाना बिलासपुर, शौकीन, निवासी गांव रसूलपुर, थाना सढौरा, मनजीत, निवासी गांव मानकपुर, थाना छछरौली, गर्व, निवासी गांव भिल छप्पर, थाना बिलासपुर। पुलिस अधीक्षक के अनुसार- चारों आरोपी देश छोड़ने और दुबई भागने की योजना बना रहे थे, और इसके लिए वे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे थे। हरियाणा पुलिस ने यूपी पुलिस की मदद से एयरपोर्ट पर ही इन चारों को गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा कि इन्हें पकड़ने के लिए तीन राज्यों के 10 से अधिक जिलों में दबिश दी गई थी। 

दिल्ली के प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केस से भी कनेक्शन

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि इन आरोपियों के दिल्ली के एक हाई-प्रोफाइल प्रॉपर्टी बिल्डर की हत्या से भी तार जुड़े हैं। इस वजह से दिल्ली पुलिस की कई टीमें भी इनकी तलाश में जुटी हुई थीं। यानी यह मामला सिर्फ एक गांव की हत्या तक सीमित नहीं, बल्कि बड़े अपराध सिंडिकेट का हिस्सा बन चुका है।

हथियार सप्लाई का पूरा नेटवर्क उजागर

इस केस में अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि ये हथियार आरोपी कहां से ला रहे थे, और किसे-किसे सप्लाई कर रहे थे? पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह गिरोह हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में सक्रिय गैंगस्टरों को अवैध हथियार मुहैया कराता था। आरोपी शुभम ने खुद कबूल किया है कि उसने ही रज्जोमाजरा हत्याकांड में इस्तेमाल हुए हथियार मुहैया करवाए थे। 

ऑपरेशन ‘क्लोज आउट’ के नाम से हरियाणा पुलिस ने चलाया अभियान 

इस गिरफ्तारी को अंजाम देने के लिए हरियाणा पुलिस ने ऑपरेशन ‘क्लोज आउट’ नाम से विशेष अभियान चलाया। लगातार मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से पुलिस इन तक पहुंच पाई। जैसे ही इन्हें लखनऊ एयरपोर्ट पर पकड़ा गया, सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट कर दिया गया, ताकि इनके नेटवर्क को तोड़ा जा सके।


यमुनानगर के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल

इस घटना के बाद नारायणगढ़ और यमुनानगर के ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। लोग हैरान हैं कि उनके बीच रहने वाले युवक इतने संगठित अपराध का हिस्सा बन चुके हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि अब इस नेटवर्क के हर पहलू को उजागर किया जाएगा और जो भी इस गिरोह में शामिल होगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

हरियाणा पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि अगर किसी को भी इन आरोपियों से जुड़ी कोई जानकारी या संदिग्ध गतिविधियों के बारे में कुछ पता हो तो तुरंत नजदीकी थाना या पुलिस हेल्पलाइन पर संपर्क करें। पुलिस का कहना है कि अपराध से लड़ाई सिर्फ पुलिस की नहीं, समाज की भी जिम्मेदारी है। 

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