Sonia Gandhi: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई हुई है। अब इस मामले में कोर्ट ने अगली सुनवाई में दोनों पक्षों को दलीलें पेश करने के लिए कहा है।

Sonia Gandhi: कांग्रेस नेता सोनिया गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग को लेकर दायर शिकायत पर आज 18 अप्रैल शनिवार को दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई हुई है। इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता वकील विकास त्रिपाठी की ओर से कोर्ट में दलीलें पेश की है। बताया जा रहा है कि आज कोर्ट में विकास त्रिपाठी ने दलील देते हुए कहा कि वो केवल इस मामले में अभी पुलिस जांच की मांग कर रहे हैं।  

शिकायतकर्ता ने कहा कि जिस समय वोटर लिस्ट में सोनिया गांधी का नाम शामिल किया गया था उस समय उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिली थी। ऐसे में इस बात से इंकार नहीं किया सकता कि धोखाधड़ी और जालसाजी के माध्यम से हासिल किए गए डॉक्यूमेंट्स के आधार पर उनका नाम वोटर लिस्ट में शामिल किया गया हो। चुनाव आयोग को गलत सूचना देकर नाम वोटर लिस्ट में शामिल करना गैर कानूनी है, इसलिए कोर्ट को जांच का आदेश पुलिस को दे देना चाहिए। 

याचिका में सोनिया गांधी पर क्या आरोप लगे ?

विकास त्रिपाठी द्वारा दाखिल याचिका में सोनिया गांधी पर आरोप लगा है कि उन्होंने साल 1983 में भारतीय नागरिकता लेने से 3 साल पहले ही फेक डॉक्यूमेंट्स के आधार पर यहां वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवा लिया था। इस मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने पुलिस को जांच का निर्देश देने की मांग उठाई थी। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसके बाद इस ऑर्डर को याचिकाकर्ता ने सेशन कोर्ट में चुनौती दी है।  

सोनिया गांधी ने आरोप को लेकर क्या कहा ?

सोनिया गांधी ने कोर्ट में अपना जवाब दाखिल करते हुए  इस शिकायत को बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया है। उनका कहना है कि यह अर्जी कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है। मजिस्ट्रेट कोर्ट पहले ही इस शिकायत को खारिज कर चुके हैं।

सोनिया गांधी का कहना है कि मजिस्ट्रेट कोर्ट का यह निष्कर्ष सही था कि नागरिकता से जुड़े मामले केवल केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इसके साथ ही वोटर लिस्ट / चुनावी विवाद को लेकर कोई मामला केवल 
चुनाव आयोग ही देख सकता है।

कोई क्रिमिनल कोर्ट उनके अधिकार का हनन कर इन मामलों में दखल नहीं दे सकता। सोनिया गांधी ने यह भी कहा था कि उनके खिलाफ शिकायत में जो आरोप लगाए गए हैं, उनके समर्थन में कोई ठोस सबूत या डॉक्यूमेंट्स शिकायतकर्ता की ओर से पेश नहीं किए गए हैं।

कब होगी अगली सुनवाई ?

कोर्ट में शिकायतकर्ता वकील विकास त्रिपाठी ने अपने दलीलों के समर्थन में चुनाव आयोग की तरफ से दिए गए डॉक्यूमेंट्स को पेश करने की परमिशन मांगी है, कोर्ट ने उन्हें इसकी इजाजत दे दी है। अब मामले को लेकर 16 मई को सुनवाई होगी, इस दिन सोनिया गांधी के वकील अपनी दलील रखेंगे। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट फैसला करेगा कि मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा जाए या नहीं।