दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने आज बुधवार को पद की शपथ ली। इस दौरान लोकनिवास में कई गणमान्यजन मौजूद रहे।

दिल्ली के नवनियुक्त उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने आज बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह लोक निवास में दोपहर 1:30 बजे आयोजन किया गया। दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने उन्हें दिल्ली के 23वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ दिलाई। 

इस मौके पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं उपराज्यपाल का स्वागत करती हूं। आप दिल्ली को और भी तेजी से आगे ले जाने के लिए यहां आए हैं। हमें पूरा विश्वास है कि आपकी उपस्थिति से दिल्ली की प्रगति में और तेजी आएगी। दिल्ली की समस्याओं का समाधान अधिक प्रभावी ढंग से निकाला जाएगा। आपके मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार निर्देशों के अनुसार कार्य करेगी।

एलजी संधू बोले- सभी समस्याओं का होगा समाधान 

दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने कहा कि दिल्ली मेरी 'कर्मभूमि' रही है। दिल्ली के विकास की दिशा में काम करना हमारा कर्तव्य है। हम चुनौतियों को अवसरों में बदलने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। दलीय भेदभाव से परे, सभी को मिलकर विभिन्न समस्याओं का समाधान ढूंढना होगा।

बता दें कि दिल्ली के नए एलजी तरनजीत सिंह संधू इंडियन फॉरेन सर्विस में तीन दशक से ज्यादा सेवा दे चुके हैं। इंडियन फॉरेन सर्विस के 1988 के बैच अधिकारी तरनजीत सिंह संधू अनुभवी राजनयिक हैं। विशेषकर अमेरिका के साथ भारत के रिश्तों का गहरा अनुभव है। फरवरी 2020 से जनवरी 2024 के बीच अमेरिका में भारत के राजदूत के तौर पर काम कर चुके संधू ने कोविड 19 की महामारी के दौर में दोनों देशों के बीच प्रशासनिक कार्यों को बाखूबी संभाला था। उन्हें सोवियत यूनियन, यूक्रेन, श्रीलंका और कीव में भी काम किया है। 

2024 में बीजेपी जॉइन किया

चरनजीत सिंह संधू का राजनीति सफर 2024 से शुरू हुआ था। उन्होंने रिटायरमेंट के बाद भाजपा जॉइन की थी। भाजपा ने उन्हें अमृतसर से लोकसभा चुनाव के लिए टिकट दिया, लेकिन कांग्रेस नेता गुरजीत सिंह औजला से हार गए। अब उन्हें दिल्ली के नए उपराज्यपाल की जिम्मेदारी दी गई है।