Railway Reforms: रेल मंत्रालय ने रेलवे रिफॉर्म प्लान के तहत जनरल डिब्बों में सफाई की मंजूरी दे दी है। इसे लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी है। इसके अलावा सफाई के बाद जनरल कोच की तस्वीरें लेकर AI जांच की जाएगी।

Railway Reforms: रेल में सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। यात्रियों की सुविधा को और भी बेहतर करने के लिए  रेल मंत्रालय ने 2 बड़े सुधारों को मंजूरी दे दी है। रेलवे रिफॉर्म प्लान के तहत 52 हफ्तों में 52 सुधार का लक्ष्य रखा गया है। इसे 52 reforms in 52 weeks कहा गया है, जिसका उद्देश्य साल भर में रेलवे को और भी ज्यादा अधिक ग्राहक-अनुकूल और लॉजिस्टिक्स में शक्तिशाली बनाना है।  

प्रेस कान्फ्रेंस में बीते दिन शनिवार को  रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि AC और स्लीपर की तरह जनरल डिब्बों में भी यात्रा के दौरान लगातार सफाई होगी। पहले चलती ट्रेन में मुख्य रूप से आरक्षित कोचों की सफाई की जाती थी, जबकि जनरल डिब्बों को अनदेखा कर दिया जाता था।

जनरल कोचों सफाई सुनिश्चित होगी-रेल मंत्री

रेल मंत्री ने कहा कि रेलवे अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कार्गो ट्रांसपोर्टर बन गया है, वहीं यह नई तकनीकों और कार्यप्रणालियों के साथ आगे भी बढ़ रहा है। पहले पिछले सिस्टम में सफाई और सेवाएं केवल रिजर्व कोचों तक सीमित थीं, अब जनरल कोचों की भी लगातार सफाई सुनिश्चित करने की व्यवस्था लागू की जाएगी, इसके लिए एक ही एजेंसी सेवा देगी। वहीं AI-आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम से सफाई की गुणवत्ता पर भी नजर रखी जाएगी। 

रेल मंत्री द्वारा बताया गया कि दूसरे बड़े सुधार के तहत गति शक्ति कार्गो टर्मिनल को भी मजबूत किया जाएगा। वहीं 2022 में शुरू की गई नीति के तहत अब 124 मल्टी-मॉडल टर्मिनलों को 500 से ज्यादा कार्ग प्ल्स प्रोसेसिंग हब्स में बदलने का प्लान किया गया है। पहले फेज में अलग-अलग जोनों में चलने वाली लंबी दूरी की 80 ट्रेनों का चुनाव किया गया है, 6 महीने मे यह व्यवस्था सभी ट्रेनों में लागू हो जाएगी।  

तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी

रेल मंत्री ने कहा कि 'नई व्यवस्था में ट्रेन की शुरुआत से अंतिम स्टेशन तक टॉयलेट, वाश-बेसिन, डस्टबिन और कोच के अंदर नियमित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। स्टेशन पर रुकने के दौरान सफाई कर्मी आरक्षित डिब्बों से उतरकर जनरल कोचों में भी काम करेंगे।' सफाई केवल औपचारिकता ना हो, इसके लिए तकनीक की भी मदद ली जाएगी।

वहीं सफाई के बाद कोच की तस्वीरें कंट्रोल रूम में भेजी जाएंगी, जहां AI की मदद से  गुणवत्ता की जांच की जाएगी।  सेवा प्रदाता कंपनियों के साथ स्पष्ट मानक तय करेंग, मानकों पर खरा न उतरने की स्थिति में दंड का प्रावधान तय किया गया है, काम अलग-अलग  एजेंसियों के बजाय एकीकृत रूप से एक ही एजेंसी को दिए जाएंगे, ताकि जवाबदेही तय हो सके। 

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